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Sirsa News: सिरसा में तैयार हुए 72 वैरायटी के फूल 9 राज्यों में खिलेंगे, डॉ राम जी खुद प्यार करने शुल्क देते हैं पौधे 

डॉ. रामजी ने बताया कि उन्होंने अकेले मिशन शुरू किया और आज भारी संख्या में लोग उनके साथ जुड़ गए हैं। सामाजिक संस्था आपसी के बैनर तले यह सिलसिला 16 सालों से जारी है। उन्होंने 2009 में अपने दड़बी से मुहिम का आगाज किया। गांव में नीम, बड़ व पीपल के पौधे शुरू में लगाए। इसके बाद गांव के मुख्य मार्ग पर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में फूलदार पौधे लगाए। पहले साल उन्होंने हजारों पौधों की पनीरी तैयार कर निशुल्क बांटी। इस बार डॉ. रामजी ने हरियाणा के सभी जिलों सहित पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में फूलों की पौध तैयार की है।
 
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Sirsa News: राजस्थान और पंजाब सीमा से सटे हरियाणा प्रदेश के सिरसा जिले में फ्लावर मैन के नाम से प्रख्यात गांव दड़बी निवासी डॉ. रामजी ने सीजनल फूलों की पौध 9 राज्यों के 400 जगहों में तैयार करके बांटना शुरू कर दिया है। उन्होंने 72 किस्मों की पौध तैयार की है। उन्होंने बताया की इस सीजन में दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड, असम, मणिपुर सहित कई राज्यों में फूलों की नर्सरी लगाई गई है। वे स्वयं बीज तैयार करते हैं और खुद ही जगह बनाकर उनकी बुआई करते हैं।

डॉ. रामजी ने बताया कि उन्होंने अकेले मिशन शुरू किया और आज भारी संख्या में लोग उनके साथ जुड़ गए हैं। सामाजिक संस्था आपसी के बैनर तले यह सिलसिला 16 सालों से जारी है। उन्होंने 2009 में अपने दड़बी से मुहिम का आगाज किया। गांव में नीम, बड़ व पीपल के पौधे शुरू में लगाए। इसके बाद गांव के मुख्य मार्ग पर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में फूलदार पौधे लगाए। पहले साल उन्होंने हजारों पौधों की पनीरी तैयार कर निशुल्क बांटी। इस बार डॉ. रामजी ने हरियाणा के सभी जिलों सहित पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में फूलों की पौध तैयार की है। कई राज्यों में पौध वितरण कार्यक्रम शुरू भी हो चुका गा है। है। सिरसा में फूलों की मुफ्त पौध का वितरण 18 से गांव दड़बी में शुरू होगा 

ऐसे मिली थी प्रेरणा, त्रिवेणी लगाकर गांव में की मुहिम शुरू 

गांव दड़बी में कई वर्ष पहले गांव के चारों और कूड़े कर्कट के ढेर थे। जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा गंदगी डाली जा रही थी। ऐसे में डॉ. रामजी ने पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा उठाया। यहां पर उन्होंने पौधे लगाने शुरू किए और गंदगी के ढेरों को खुद हटाने लगा। हालांकि शुरू में गांव के लोगों ने विरोध किया, लेकिन धीरे-धीरे विचारधारा ग्रामीणों को रास आने लगी। उन्होंने गांव में त्रिवेणी लगाकर मुहिम की शुरूआत की। आज गांव में हरियाली ही हरियाली है। रामजी ने छायादार पौधों की जगह फूलदार पौधों की राह पकड़ी।

72 किस्मों की पौध तैयार करते हैं डॉक्टर राम जी 

डॉ. रामजी ने पर्यावरण प्रेमियों संग मिलकर फूलों की 72 किस्मों की पौध तैयार की है। पौधे की संख्या करोड़ों में हैं। उन्होंने डेलिया, फ्लोक्स, स्वीट, आइस, विलियम, कोसमॉस, कैलोनडूला, डेजी, स्टॉक, वॉल फ्लावर, पॉपी, कैलीफ्रोनिया पॉपी, नगरेट, लीफ वॉल फ्लावर, चांदनी, डी फोर्टिका, स्वीट पी, पैंजी जैसी किस्मों को तैयार की हैं। डॉ. रामजी ने बताया कि हरियाणा के साथ-साथ पंजाब व हिमाचल की जेलों में भी इस बार महकाया है। जेलों में पनीरी तैयार की गई है। जबकि कई जेलों के साथ-साथ थानों को भी निशुल्क पनीरी बांटी गई है, ताकि जेलों के साथ-साथ फूलों से थाने भी सुंदर लगे। (Sirsa News)