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Mandsaur Mandi: कृषि उपज मंडी मंदसौर में हर दिन पहुंच रही 10 हजार से ज्यादा बोरी मूंगफली, 6 हजार प्रति क्विंटल तक मिल रहे दाम

कृषि उपज मंडी में इन दिनों मूंगफली, लहसुन और अन्य जिंसों की भारी आवक जारी है। रोजाना 25 से अधिक जिंसों की कुल 42 हजार से ज्यादा बोरियां मंडी पहुंच रही हैं। इनमें मूंगफली की आवक तेजी से बढ़ी है और प्रतिदिन 10 हजार से अधिक बोरियों की आवक दर्ज की जा रही है।
 
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Peanut Rate Update: कृषि उपज मंडी में इन दिनों मूंगफली, लहसुन और अन्य जिंसों की भारी आवक जारी है। रोजाना 25 से अधिक जिंसों की कुल 42 हजार से ज्यादा बोरियां मंडी पहुंच रही हैं। इनमें मूंगफली की आवक तेजी से बढ़ी है और प्रतिदिन 10 हजार से अधिक बोरियों की आवक दर्ज की जा रही है। अच्छी क्वालिटी की मूंगफली किसानों को 5500 से लेकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल तक का दाम दिला रही है। इसके चलते किसान भी संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं।

किसानों के अनुसार इस सीजन में मूंगफली की पैदावार बेहतर रही है। इससे आवक में तेजी आई है। पैदावार अच्छी होने के साथ ही बाजार में क्वालिटी के अनुसार भाव स्थिर बने हुए हैं। इन दिनों मंडी में सबसे अधिक आवक लहसुन की हो रही है। बुधवार को करीब लहसुन की 17 हजार बोरियां मंडी में पहुंचीं। 25 जिंसों को मिलाकर कुल 42 हजार से अधिक बोरियां मंडी में पहुंच रही हैं। इनमें गेहूं, मूंगफली, लहसुन व प्याज की मात्रा अधिक है। प्याज के दाम अभी भी 161 रुपए से 935 रुपए प्रति क्विंटल तक - ही हैं। जबकि किसानों को अधिक दामों की अपेक्षा है। इसको लेकर बीते दिनों - धमनार में किसानों ने विरोध भी जताया था। लंबे समय से किसान प्याज के दामों को लेकर परेशान हैं।

बंपर आवक से सड़क पर खड़े रहे उपज से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली, डेढ़ घंटे लगा जाम, एंबुलेंस भी फंसी रही

बुधवार को कृषि उपज मंडी में बंपर आवक के बीच गरोठ रोड पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क किनारे खड़े होने से मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी में हर बार बड़ी आवक होने पर यही स्थिति बनती है, क्योंकि मंडी परिसर छोटा पड़ जाता है और वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच जाती हैं। रोड पर खड़े ट्रैक्टरों के कारण आवागमन धीमा होता गया और कुछ ही देर में गरोठ रोड पूरी तरह थम गया। राहगीरों व स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी क्षेत्र में हर सीजन यही समस्या दोहराई जाती है। लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस प्रबंधन नहीं किया जा रहा। जाम के दौरान एक एंबुलेंस भी कुछ देर तक फंसी रही। आसपास मौजूद लोगों ने वाहन चालकों से रास्ता खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन जगह कम होने के कारण वाहन निकल नहीं पाए। एंबुलेंस के फंसने से लोगों में नाराजगी भी देखी गई।