जींद में तूफान ने मचाई तबाही, सैकड़ो पेड़ उखड़े, कई क्षेत्रों में 24 घंटे रही बिजली गुल
Power Cuts Jind: जींद जिले में गुरुवार की अल सुबह आई तूफानी बारिश में जनजीवन बहाल कर दिया है। आलम यह बना हुआ है कि तूफान की 24 घंटे बाद भी कुछ क्षेत्रों में लाइट सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई है। तूफानी बारिश और तेज हवाओं के चलते गुरुवार को शहर के कई इलाकों और सड़कों पर बड़े-बड़े सैकड़ो पेड़ उखड़ गए हैं। जींद शहर के अर्बन स्टेट स्थित हुडा में दुकानदार वीरेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि वह 64 नंबर बूथ पर ट्रॉफी और मेडल की दुकान करता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को तूफान आने के बाद 24 घंटे से भी अधिक का समय गुजर चुका है और अभी तक उनके क्षेत्र में लाइट नहीं आई है। वीरेंद्र ने बताया कि काफी लंबे समय से लाइट खराब होने के कारण उनके इनवर्टर भी बंद हो चुके हैं।
बता दें कि बुधवार देर रात अचानक बदले मौसम के बाद गुरुवार को करीब पौने तीन बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने पूरे जींद जिले में भारी तबाही मचाई। जिले में औसतन 13.6 एमएम बारिश हुई और आंधी-तूफान के कारण 450 से अधिक पेड़ उखड़ गए, जबकि बिजली के 159 पोल और दो ट्रांसफार्मर गिर गए। इससे जिले की बिजली सप्लाई ठप हो गई। निगम कर्मचारियों ने दिनभर मशक्कत कर कई इलाकों में बिजली बहाल की, लेकिन पटियाला चौक, पुराना बस अड्डा और दर्जनों गांवों में शाम तक अंधेरा छाया रहा। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश से जींद शहर की निचली बस्तियों में प्रमुख सड़कों और नई सब्जी मंडी में भारी जलभराव की खबर भी सामने आई है। वहीं दूसरी तरफ बारिश से तापमान गिरकर अधिकतम 32 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार के अनुसार आज जिले में मौसम साफ रहेगा।
जिले में बड़े पेड़ गिरने से यातायात हुआ बाधित
गुरुवार को कल सुबह आई आंधी और बारिश में पेड़ गिरने से जिले के कई मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित हुआ। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान नंबर 509 के पास खड़ी एक कार पर बिजली का पोल गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि कार खाली होने से बड़ा हादसा टल गया। वहीं, सफीदों गेट पर एसबीआई के बाहर लगा 40 साल पुराना बरगद का विशाल पेड़ उखड़ गया, जिस कारण से गुरुवार को बैंक बंद रखना पड़ा। इसके अलावा शहर के पालिका बाजार में पीपल की बड़ी टहनी गिर गई।
पछेती धान की फसल को बारिश से मिलेगा लाभ
जींद जिले के खेतों में खड़ी अगेती धान की फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई। किसान कृष्ण कुमार, हवासिंह, सुमित मलिक, नरेंद्र कुंडू, विजेंद्र चहल, राजकुमार रदान, राकेश सोनी और ईश्वर ने बताया कि फसल गिरने से दाना काला पड़ने और पैदावार घटने की आशंका है। वहीं पछेती धान के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है, जिससे पत्तालपेट बीमारी का प्रकोप खत्म हो सकेगा और अच्छी फसल होने का अनुमान है।
