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Sirsa Weather: सिरसा में ठंड ने तोड़ा 13 साल का रिकॉर्ड, न्यूनतम पारा 1 डिग्री पर पहुंचा

जिले में इस बार कड़ाके की ठंड ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र में बागवानी विशेषज्ञ डॉ. विनीता राजपूत के मुताबिक करीब 13 साल बाद तापमान में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष 2012-13 में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच गया था, जो इस बार के तापमान से भी कम था। डॉ. राजपूत ने बताया कि इस ठंड का असर फसलों पर भी साफ देखा जा रहा है।
 
SIRSA WEATHER
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Cold weather Update Sirsa: सिरसा जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार करीब 13 साल बाद तापमान में इतनी गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष 2012-13 में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच गया था, जो इस बार के तापमान से भी कम था। अधिकतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया। एक सप्ताह के भीतर तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कड़ाके की ठंड से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। गलियों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। कृषि पर भी ठंड का असर दिखने लगा है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. विनीता राजपूत ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को पाले से बचाने के लिए खेतों में हल्की सिंचाई करें और सल्फर का छिड़काव करें। खासकर सब्जियों की फसलें जैसे आलू, टमाटर और मिर्च आदि पाले की चपेट में आ सकती हैं।
इसलिए फसलों की नियमित निगरानी करते हुए कृषि वैज्ञानिकों के साथ संपर्क बनाए रखें।

2012-13 के बाद पहली बार इतना पारा गिरा

जिले में इस बार कड़ाके की ठंड ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र में बागवानी विशेषज्ञ डॉ. विनीता राजपूत के मुताबिक करीब 13 साल बाद तापमान में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष 2012-13 में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच गया था, जो इस बार के तापमान से भी कम था। डॉ. राजपूत ने बताया कि इस ठंड का असर फसलों पर भी साफ देखा जा रहा है। लगातार गिरते पारे के कारण सब्जियों और बागवानी फसलों की बढ़वार थम असर से बादल छाने की संभावना है, जिससे तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। रही है। पश्चिमी विक्षोभ के

18 जनवरी को बूंदाबांदी की संभावना

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ 16 जनवरी और 19 जनवरी की रात को उत्तर भारत में सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते 17 और 18 जनवरी को प्रदेश में आंशिक बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।