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Haryana Weather: हरियाणा में कड़ाके की ठंड हुई शुरू, सिरसा जिले में पहली बार जमा पाला, तापमान में 3 डिग्री गिरावट

हरियाणा प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो चुका है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हरियाणा प्रदेश में बढ़ रही ठंड ने अब किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सिरसा जिले में कल सोमवार को पहली बार पाला जमा। सिरसा और फतेहाबाद जिले में आज मंगलवार को भी ठंड की वजह से पाला जमने की खबर सामने आई है।
 

Winter Update Haryana: हरियाणा प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो चुका है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हरियाणा प्रदेश में बढ़ रही ठंड ने अब किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सिरसा जिले में कल सोमवार को पहली बार पाला जमा। सिरसा और फतेहाबाद जिले में आज मंगलवार को भी ठंड की वजह से पाला जमने की खबर सामने आई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई जिलों में  शीतलहर चल रही है। शीतलहर के साथ ही तापमान में गिरावट होने से कड़ाके की ठंड का असर शुरू हो गया है। शीतलहर के चलते दो दिनों से रात के तापमान में 3 डिग्री गिरावट आई है। रविवार और सोमवार की रात शीतलहर के साथ ही शीत ऋतु की इस सीजन में पहली बार खेतों में फसलों पर एवं खेतों के बाहर मेढ़ पर पाला जमा है।

कृषि विभाग ने फसलों को पाले से बचाने के बताए उपाय

कृषि विभाग ने फसलों को पाले से बचाने के उपाय बताए हैं। सुबह व शाम को ठंड बढ़नी शुरू हो चुकी है। जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिले के अस्पतालों में बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सामान्य दिनों की भांति वायरल बुखार की ओपीडी 500 से ज्यादा पहुंच गई है। उधर, पाला जमना को लेकर सरसों, गेहूं व चना की फसल को किसानों ने नुकसानदायक बताया है। इसके अलावा सुबह व शाम को हल्की धुंध का असर भी देखने को मिल रहा है। इस दौरान ट्रेनें भी देरी से पहुंच रही है। किसान एक्सप्रेस दो घंटा देरी से सिरसा स्टेशन पर पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ी। ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई। बुखार, खांसी व जुकाम के मरीज ज्यादा दिखाई दिए। नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लाइनें लगी रही। निजी अस्पताल भी मरीजों से भरे रहे। हालांकि छोटे बच्चों पर सर्दी का असर ज्यादा दिखाई दिया।