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हरियाणा में 1300 कांस्टेबलों को पदोन्नति का तोहफा, लम्बें समय का इन्तजार खत्म 

पूरी प्रक्रिया अब इच्छा, न्यायालय में लंबित मामले और चिकित्सकीय पात्रता के तीन आधारों पर तय होगी। इससे उन कांस्टेबलों की लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है. जो प्रशिक्षण नहीं करना चाहते, जिनके मामले हाईकोर्ट में लंबित है या जिन्हें पिछली प्रशिक्षण खेप में छाट मिली थी। 
 

चंडीगढ़ HARYANALINE :  हरियाणा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।  बता दे की हरियाणा पुलिस के करीब 1300 कांस्टेबलों की पदोन्नति की राह में लंबे समय से अटकी अड़चनें अब दूर हो गई हैं।

2025 में शामिल कांस्टेबलों के लिए लोअर स्कूल कोर्स-2025 का प्रशिक्षण 14 सितंबर से सुनारिया में शुरू होगा। संबंधित कांस्टेबलों को 13 सितंबर शाम पांच बजे तक प्रशिक्षण केंद्र पहुंचना होगा।

3 आधारों पर तय होगी प्रक्रिया 

पुलिस मुख्यालय ने इस बार प्रशिक्षण के लिए नाम भेजने के नियम साफ कर दिए हैं। अब किसी कांस्टेबल को केवल सूची में नाम होने के आधार पर प्रशिक्षण के लिए नहीं भेजा जाएगा। 

पूरी प्रक्रिया अब इच्छा, न्यायालय में लंबित मामले और चिकित्सकीय पात्रता के तीन आधारों पर तय होगी। इससे उन कांस्टेबलों की लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है. जो प्रशिक्षण नहीं करना चाहते, जिनके मामले हाईकोर्ट में लंबित है या जिन्हें पिछली प्रशिक्षण खेप में छाट मिली थी। 

मिलेगा ये विकल्प

सूची-बी में नाम होने के बावजूद जो कांस्टेबल लोअर कोर्स नहीं करना चाहते, तो वे लिखित अनुरोध देकर अपना नाम सूची से हटवा सकेंगे। इससे पहले ऐसे मामलों में सूची में नाम होने और प्रशिक्षण के लिए भेजे जाने को लेकर असमंजस बना हुआ था।

कोर्ट केस में सीधे प्रशिक्षण

जिन कांस्टेबलों की हाईकोर्ट में याचिका संचित है और मामला अनियाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण में भेजने से संबंधित है, उन्हें प्रशिक्षण में शामिल नहीं किया। 

पिछली प्रशिक्षण खेप में मिली छूट को स्थायी गाहत नहीं माना जाएगा। जिन कांस्टेबलों को प्रशिक्षण से छूट मिली थी. उन्हें इस बार प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा। यानी एक बार मिली छूट अगली खेप में भी लागू रहने का आधार नहीं बनेगी।