2025-26 में हरियाणा के अस्पतालों को मिले 1200 करोड़, आयुष्मान अस्पतालों को नियमित भुगतान
प्राधिकरण के अनुसार दावों का भुगतान 'पहले आओ, पहले पाओं' के आधार पर होता है और अस्पतालों को हर महीने भुगतान जारी किया जाता है।
Haryana News : आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के भुगतान को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, हरियाणा ने दावा किया है कि अस्पतालों के दावों का नियमित निपटारा किया जा रहा है।
प्राधिकरण के अनुसार दावों का भुगतान 'पहले आओ, पहले पाओं' के आधार पर होता है और अस्पतालों को हर महीने भुगतान जारी किया जाता है।
प्राधिकरण के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 में सूचीबद्ध अस्पतालों को 689.7 करोड़ रुपये,
2024-25 में 1234.5 करोड़ और 2025-26 में 1200 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
चालू वित्त वर्ष में अब तक करीब 570 करोड़ रुपये के दावों का भगतान हो चुका है, जबकि शेष दावों की प्रक्रिया जारी है।
200 अस्पतालों ने नए एमपैनलमेट
अधिक जानकारी के लिए बता दे की प्राधिकरण ने आईएमए के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि आयुष्मान योजना में भागीदारी के कारण निजी अस्पताल वित्तीय संकट में हैं।
उसके अनुसार करीब 200 अस्पतालों ने नए एमपैनलमेट के लिए आवेदन किया है, जबकि करीब 75 मौजुदा अस्पतालों ने नई स्पेशलिटी जोड़ने के लिए आवेदन किया है।
सेवा निलंबन के पत्र के बाद सभी जिला नोडल अधिकारियों को निजी अस्पतालों से संपर्क कर सेवाएं जारी रखने के लिए मनाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण ने आईएमए प्रतिनिधियों को मुख्य कार्यकारी अकारी, आयुष्मान भारत हरियाणा के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में भुगतान और अस्पतालों की अन्य किसी भी दिक्क्तों के बारे में खुलकर चर्चा हुई।