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NCR समेत 7 राज्यों में छापेमारी, 120 करोड़ की टोल टैक्स चोरी के चलते ED की बड़ी कार्रवाई 

ईडी ने सबूत जुटाने के लिए गिरोह के मास्टरमाइंड आलोक सिंह के वाराणसी निवासी आवास समेत अन्य ठिकानों की बुधवार को खंगाला। इंडी की कार्रवाई यपी, राजस्थान, महाराष्ट्र जम्मू, मध्य प्रदेश एनसीआर और पश्चिम बंगाल में जारी है।
 

TOLL TAX SCAM: देश दुनिया से जुडी इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।  बता दे की अवैध सॉफ्टवेयर बनाकर उत्तर प्रदेश समेत देश भर के 42 टोल प्लाजा पर 120 करोड़ रुपये की टोल चोरी करने वाले गिरोह के 7 राज्यों के 14 ठिकानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारे। 
मिर्जापुर में दर्ज हुआ था मामला 

यूपी एसटीएफ ने पिछले साल मिर्जापुर के अतरौला टोल प्लाजा पर छापा मारकर टोल चोरी का सालामा कर मामला दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्डिंग का केस दर्ज किया था।

NCR समेत 7 राज्यों में ED की रैड

ईडी ने सबूत जुटाने के लिए गिरोह के मास्टरमाइंड आलोक सिंह के वाराणसी निवासी आवास समेत अन्य ठिकानों की बुधवार को खंगाला। इंडी की कार्रवाई यपी, राजस्थान, महाराष्ट्र जम्मू, मध्य प्रदेश एनसीआर और पश्चिम बंगाल में जारी है।

टोल संचालकों व कर्मियों की मिलीभगत

अधिक जानकारी के लिए बता दे की 14 राज्यों के 42 प्लाजा पर टोल संचालकों व कर्मियों की मिलीभगत से ये सॉफ्टवेयर लगाया था। इसमें यूपी में नौ, मध्य प्रदेश में छह राजस्थान, गुजरात छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र राड में 3-3. पंजाब, अम्यम व बंगाल में दो-दो और जम्मू ओडिशा, हिमाचल और तेलगाना में काजा शामिल थे

सॉफ्टवेयर में ऐसे होती थी चोरी 

अधिक जानकारी के लिए बता दे की चोरों ने कई टोल प्लाजा पर गैर-कानूनी मार्ट बनाने इस्तेमाल किया। ये गाड़ियों की एंट्री रिकार्डि कर रसीदें बनाते लेकिन पैसे सरकारी खाते में नहीं डालते थे।

बिना फास्ट टैग वाले वाहन होते थे निशाना टोल बारों के निशाने पर बिना फास्ट टैग अथवा फास्ट टैग में कम बैलेंस वाले वाहन होते थे जिनसे टोल समेत दोगुना टोल वसूला जाता है। एस वाहनों के लिए अवैध सॉफ्टवेयर काली रसीद बनाता था जो असली की नकल होती थी इससे फर्जीवाड़े का पता नहीं लग पाया था।