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अध्यक्ष की बिना मंजूरी जारी हुए 23 टेंडर, CMO-इंजीनियर और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप

 

Guna News: चांचौड़ा-बीनागंज नगर परिषद में टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता नाटानी ने आरोप लगाया है कि वार्ड क्रमांक 3 में सीसी रोड और नाली निर्माण जैसे कामों के लिए उनकी अनुमति के बिना ही टेंडर जारी कर दिए गए। उन्होंने सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार पर मिलीभगत कर सरकारी पैसों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

अध्यक्ष का कहना है कि उन्होंने सिर्फ चार कामों के टेंडर के लिए कहा था, लेकिन अधिकारियों ने मिलकर 23 कामों का टेंडर जारी कर दिया। इसमें कई काम ऐसे जोड़े गए जिनकी उन्होंने कभी मांग ही नहीं की थी।

टेंडर में मशीनों के रेट भी संदेहास्पद तरीके से डाले गए हैं। जैसे जेसीबी का रेट 1370 रुपए प्रति घंटा लिखा गया है, जबकि पोकलेन मशीन का रेट सिर्फ 100 रुपए प्रति घंटा बताया गया है, जो असंभव है। कुछ अन्य कामों के रेट भी केवल 10 रुपए तक डाले गए हैं, जिससे गड़बड़ी की आशंका और बढ़ गई है।

अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें न तो टेंडर जारी करने की सूचना दी गई और न ही उनकी अनुमति ली गई, जबकि नियम के अनुसार अध्यक्ष की सहमति जरूरी होती है और विज्ञप्ति में उनका नाम छपना चाहिए।

इसी तरह एक और हालिया टेंडर में भी 23 काम जोड़े गए, जबकि अध्यक्ष ने सिर्फ चूरी, डस्ट, मुरम और जेसीबी के लिए टेंडर मांगा था।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी ओम त्र्यंबकेश्वर ने कहा कि अध्यक्ष कार्यालय आकर जानकारी ले सकती हैं। वहीं इंजीनियर विशाल शर्मा ने दावा किया कि दोनों टेंडरों पर अध्यक्ष के हस्ताक्षर लिए गए हैं, और अगर विज्ञप्ति में नाम नहीं छपा तो वह प्रिंटिंग की गलती हो सकती है।

इस पूरे मामले में अध्यक्ष का कहना है कि जानबूझकर बिना अनुमति काम जोड़ दिए गए हैं और टेंडरों में मनमानी दरें भरी गई हैं, जो अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का संकेत देती हैं।