MP के इस गांव में बनेगी चार किमी लंबी पक्की सड़क, मिली स्वीकृति
MP News: मध्यप्रदेश राज्य के बड़वानी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मरदई के आदिवासी ग्रामीणों का सपना पूरा होने जा रहा है। आजादी के 78 साल बाद जंगल के बीच बसे इस गांव को पहली बार पक्की सड़क मिलने वाली है। सड़क की स्वीकृति के बाद अब ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने शनिवार को अपने निवास में जनता दरबार लगाया था। वे लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी बीच ग्राम पंचायत मरदई के ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके निवास पहुंचे। उन्होंने मिठाई खिलाकर फूलमाला से पूर्व मंत्री का स्वागत किया।
ग्राम पंचायत मरदई के सरपंच धरम सिंह ने बताया गांव के लिए सड़क न होना सबसे बड़ी समस्या थी। बारिश में दलदल भरे रास्ते व गर्मी में उड़ती धूल और बीमार पड़ने पर खाट पर मरीजों को अस्पताल ले जाने की मजबूरी रहती थी। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल की पहल पर ग्राम मरदई से राधा फलियां तक करीब चार किमी सड़क बनाने की स्वीकृति मिल गई है। इससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के सरपंच और स्थानीय प्रतिनिधियों ने जब सड़क निर्माण की जानकारी ग्रामीणों को दी तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गांव के सरपंच के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण बड़वानी जिला मुख्यालय पहुंचे। वहां पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल के घर जाकर पुष्प माला पहनाकर और मुंह मीठा कर उनका स्वागत और धन्यवाद किया।
गांव में योजना का मिलेगा लाभ
ग्रामीणों ने बताया मरदई गांव जंगलों के बीच बसा है। अब तक सड़क निर्माण में दिक्कतें आ रही थीं। बिना पक्की सड़क के सरकारी योजनाओं का लाभ गांव तक नहीं पहुंच रहा था। अब निर्माण को हरी झंडी मिल गई है तो गांव के विकास की तस्वीर बदल सकती है। इस सड़क के बनने से आसपास के 7 से 8 गांवों का संपर्क जुड़ेगा। ग्रामीणों को आवागमन में आसानी होगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया सड़क बनने के बाद ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होगी। इस सड़क से न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की पहुंच भी गांव तक हो सकेगी। इस सड़क को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं से मेरे द्वारा अवगत करवाया गया था। उसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सड़क को मंजूरी दी। जल्द ही काम शुरू होगा।