कंजिया शराब दुकान में डकैती डालने वाले 4 आरोपियों को बीना पुलिस ने किया गिरफ्तार
Bina News: कंजिया क्षेत्र की एक शराब दुकान में दहशत फैलाने और डकैती की वारदात में शामिल चार आरोपियों को बीना पुलिस ने मालखेड़ी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने डकैती में उपयोग की गई कार, देशी कट्टा और करीब 10 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट सहित डकैती की धारा में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार 25 जुलाई की रात लगभग 10:30 बजे पांच आरोपियों ने शराब दुकान में डकैती डाली थी। आरोपियों ने देशी कट्टे से हवाई फायर कर तोड़फोड़ की और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पहचान के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने कंपनी के कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा था। डकैती की इस घटना में करीब 70 हजार रुपए लूटे गए थे, जिनमें से 10 हजार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि डकैती डालने का मुख्य कारण अवैध शराब की बिक्री से जुड़ा था।
पूछताछ में पता चला कि डकैती के मुख्य आरोपी का भाई शराब दुकान में गद्दीदार था। वह छुट्टी पर जाने वाला था और उसने बिना स्टॉक मिलान के चार्ज लेने से मना कर दिया था, जिससे गद्दीदार और उसके भाई के बीच विवाद हुआ था। इसके अलावा आरोपी चाहता था कि दुकान में उसके भाई के साथ स्थानीय लोग काम करें ताकि वह बाहर से अवैध शराब मंगवाकर सप्लाई कर सके। यह आपसी विवाद डकैती की वजह बना।
डकैती की घटना के दौरान एक आरोपी ने हवाई फायरिंग की, दो आरोपियों ने दुकान के बाहर तोड़फोड़ की, जबकि एक आरोपी दुकान में घुसकर कंपनी के कर्मचारियों आशीष राय और लालू राय को डंडे से मार रहा था। एक अन्य आरोपी बाहर खड़ा होकर नजर रख रहा था। मारपीट के कारण लालू राय का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने पहले लूट, मारपीट और तोड़फोड़ का मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोपियों की संख्या पांच होने के कारण मामले में डकैती की धारा बढ़ा दी गई है।
भानगढ़ थाना प्रभारी सत्येंद्र भदौरिया ने बताया कि आरोपियों को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान लिया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसडीओपी नितेश पटेल ने विशेष टीम बनाकर आरोपियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई शुरू की। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने मालखेड़ी रेलवे स्टेशन के पास आरोपियों को घेराबंद कर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की अभी न्यायालय में शिनाख्त नहीं हुई है, इसलिए पुलिस ने उनके नाम और पहचान सार्वजनिक नहीं की है। शिनाख्त होने के बाद ही आरोपियों के नामों का खुलासा किया जाएगा।