Narwana News: नरवाना शहर में करोड़ों रुपए की लागत से बदले जाएंगे बिजली के तार, सोमवार से शुरू होगा सर्वे
Jind News: जींद जिले के नरवाना शहर में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए बिजली निगम ने बड़े स्तर पर सुधार कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली है। करीब 26 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से नए फीडर स्थापित किए जाएंगे, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, टूटे और कमजोर खंभे बदले जाएंगे और पूरे नेटवर्क को आधुनिक बनाया जाएगा। फर्म 23 फरवरी से सर्वे करेगी।
यह कार्य रिवंपड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत किया जाएगा और इसके लिए फर्म को वर्क अलॉट कर दिया गया है। सर्वे प्रक्रिया पूरी होते ही चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया जाएगा। दरअसल, शहर में करीब 12 साल पहले बिछाई गई एलटी (लो टेंशन) और एचटी (हाई टेंशन) लाइन की तार कई स्थानों पर जर्जर स्थिति में हैं। खराब तार के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है और सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
इस परियोजना के तहत दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने राजस्थान के जयपुर स्थित वैशाली नगर, अमरपाली सर्कल की एमएस प्रताप एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (जेवी में एमएस प्रताप टेक्रोक्रास्ट प्राइवेट सोल्यूशन) को कार्य सौंपा है।
फर्म द्वारा सोमवार से शहर में विस्तृत सर्वे शुरू किए जाने की संभावना है। सर्वे रिपोर्ट एक्सईएन कार्यालय द्वारा उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद करीब एक माह में कार्य प्रारंभ हो सकता है। फर्म को पूरा कार्य निर्धारित समयावधि में पूरा करना होगा। इससे पहले विभागीय अधिकारियों ने अपने स्तर पर प्राथमिक सर्वे कर यह चिह्नित कर लिया है कि किन क्षेत्रों में क्या सुधार आवश्यक है।
यह कार्य इसलिए जरूरी
बिजली निगम में आने वाली शिकायतों में कमी आएगी। ट्रांसफामरों पर लोड कम होगा। वोलटेज पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। आग जैसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी बिजली चोरी नहीं हो सकेगी।
जोगिंद्र कौशिक, एक्सईएन, बिजली निगम, नरवाना ने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत शहर में तार बदलने व अन्य कई कार्य करवाए जाने हैं, उनमें करीब 26 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत आएगी। इसको लेकर राजस्थान के जयपुर की फर्म को वर्क अलॉट कर दिया है। फर्म 23 फरवरी से सर्वे करेगी। उसके बाद उसके कार्य करने की समयावधि 15 महीने की रहेगी।