Haryana News: हरियाणा के के इस जिले में फसल नुकसान दर्ज करने के लिए सभी गांवों के पोर्टल खोले, 15 सितंबर तक करें दर्ज
Haryana News: हरियाणा प्रदेश के रोहतक जिले में फसल नुकसान दर्ज करवाने के लिए सरकार ने सभी 147 गांव के पोर्टल ओपन कर दिए हैं। किसान 15 सितंबर तक उनकी फसलों में हुए नुकसान को दर्ज करवा सकते हैं। रविवार शाम तक 127 गांव के 9767 किसानों ने सरकार को बताया था कि उनकी 66 हजार एकड़ की फसल ज्यादा बरसात होने की वजह से खराब हो गई हैं। प्रशासन का दावा है कि बारिश से कृषि भूमि में हुए जल भराव की निकासी का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कृषि भूमि से जल निकासी के लिए 395 पम्प सेट लगाए गए हैं।
महम, रोहतक और सांपला उपमंडल के गांवों की कृषि भूमि से जल निकासी के लिए 395 पम्प सेट लगाए गए हैं, जो 24 घंटे संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पम्प सेट के प्रबंध भी किए गए हैं। ताकि आवश्यकतानुसार इनका प्रयोग किया जा सके। सिंचाई विभाग व अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए है कि वे अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा विशेष योजना तैयार करें। जल निकासी के कार्य को सुचारू ढंग से जारी रखने के दृष्टिगत जिला के तीनों उपमंडलाधीशों को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है तथा 15 दिन के लिए इन उपमंडलाधीशों को आवश्यकतानुसार डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की शक्तियां भी दी गई हैं।
पशु चारे के लिए कमेटी गठित
कृषि भूमि से जल निकासी की निगरानी के लिए ग्राम सचिवों एवं पटवारियों को गांवों में तैनात किया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारी भी निरंतर फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिला में पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दृष्टगत कमेटी का गठन किया गया है.
अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश
सचिन गुप्ता डीसी, रोहतक ने बताया कि प्रतिदिन जलभराव से संबंधित गांवों में नियमित रूप से जल निकासी का जायजा लिया जा रहा है। संबंधित गांवों के लोगों से भी जल निकासी के कार्य में पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया जा रहा है। ताकि जल्दी से जल्दी कृषि भूमि से जल निकासी का कार्य पूर्ण किया जा सके। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि वे निरंतर फील्ड में रहे तथा जिला से गुजरने वाली सभी ड्रेन के जलस्तर एवं तटबंधों की निगरानी रखें। बिजली विभाग के अधिकारियों को भी जल निकासी के सभी बिन्दुओं पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
मदद के लिए इन नंबरों पर लगाएं गुहार
जिला प्रशासन द्वारा जिला में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जो सातों दिन 24 घंटे क्रियाशील है। लघु सचिवालय स्थित जिला राजस्व अधिकारी के कार्यालय के कमरा नम्बर-102 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष 01262-230401, उपमंडलाधीश रोहतक कार्यालय में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 01262-244151 है। महम उपमंडल स्तर पर बाढ़ बचाव नियंत्रण कक्ष महम स्थित लघु सचिवालय के कमरा नम्बर 6 में स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नम्बर-01257-233148 व सांपला उपमंडल स्तर पर एसडीएम कार्यालय के कमरा नम्बर-3 में बाढ़ बचाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष 01262-263046 है। कोई भी व्यक्ति बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क कर आवश्यक जानकारी ले सकता है।