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ध्वज का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य

 

Chhatarpur News: महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इतिहास अध्ययनशाला एवं शोध केंद्र में ‘झंडा सत्याग्रह’ विषय पर अतिथि व्याख्यान हुआ। मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अध्यक्षता कर रहीं डॉ. मुक्ता मिश्रा ने कहा कि ध्वज स्वतंत्रता का प्रतीक है, जिसके तीनों रंगों का विशेष महत्व है—केसरिया त्याग, श्वेत शांति और हरा समृद्धि का द्योतक है, जबकि नीला चक्र निरंतरता दर्शाता है।

मुख्य अतिथि डॉ. नवीन गिडियन ने झंडा सत्याग्रह के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आंदोलन जबलपुर से शुरू हुआ और 18 मार्च 1923 को टाउन हॉल पर झंडा फहराया गया। नेतृत्व उस्ताद प्रेम चंद जैन, सुभद्रा कुमारी चौहान, माखनलाल चतुर्वेदी सहित अन्य नेताओं ने किया। ब्रिटिश शासन ने इसे दबाने का प्रयास किया, लेकिन समाचार पत्रों ने इसकी अलख जगाई।

इसी तर्ज पर नागपुर में जमनालाल बजाज के नेतृत्व में सत्याग्रह हुआ, जिसमें सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद और देवदास गांधी की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में प्रो. चित्रलेखा अवस्थी, डॉ. आरएस सिसोदिया सहित छात्र उपस्थित रहे।

पीजी कॉलेज में तिरंगा रैली
शासकीय कन्या पीजी महाविद्यालय की एनसीसी इकाई ने ‘हर घर तिरंगा’ और स्वच्छता अभियान के तहत नगर में रैली और मानव श्रृंखला बनाई। प्रभारी प्राचार्य प्रो. बीके प्रजापति के मार्गदर्शन में कैडेट्स ने लोगों को साइट पर सेल्फी अपलोड कर सर्टिफिकेट लेने के लिए प्रेरित किया।