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रक्षाबंधन पर सुनील जागलान की नई पहल, बहनों से करवाएंगे भाइयों से एक खास वादा

 

Haryana News: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सुनील जागलान ने इस रक्षाबंधन पर एक अनोखी पहल शुरू की है। ‘गाली बंद घर अभियान’ से पहचान बना चुके जागलान ने इस बार त्योहार को भाषा की शुद्धता से जोड़ते हुए एक नया संदेश दिया है। उन्होंने देशभर की लड़कियों को 3,000 से अधिक पोस्टकार्ड भेजकर अपील की है कि वे अपने भाइयों से राखी के दिन एक खास वचन लें  कि वे मां, बहन और बेटियों के लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे।

इस अभियान को नाम दिया गया है  ‘रक्षाबंधन की डोर, गाली बंधन की ओर’। जागलान का कहना है कि रक्षाबंधन केवल रक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि सम्मान और भाषा की मर्यादा का भी पर्व बनना चाहिए। इस उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बहनों से कहा है कि वे भाई को राखी बांधते समय इस संकल्प का वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया पर साझा करें। इन वीडियो को देखकर लोगों को प्रेरणा मिलेगी और चुनिंदा प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

सुनील जागलान का दावा है कि उन्होंने ‘गाली बंद घर अभियान’ के तहत 11 वर्षों में 70,000 से अधिक लोगों पर सर्वे किया है। इसके मुताबिक, देश में 55% लोग रोजमर्रा की बातचीत में गाली-गलौज का इस्तेमाल करते हैं। दिल्ली में यह संख्या 80% तक पहुंचती है, जबकि कश्मीर में सबसे कम 15% है।

उनका मानना है कि अपशब्द बोलना एक सामाजिक बुराई और मानसिक कमजोरी है, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। वे चाहते हैं कि रक्षाबंधन जैसे पर्व पर भाई बहनों को न सिर्फ सुरक्षा का वादा दें, बल्कि उनके सम्मान की भाषा भी सीखें। सुनील जागलान इससे पहले ‘बेटी बचाओ’, ‘सेल्फी विद डॉटर’, ‘लाड़ो पंचायत’ जैसे कई सफल अभियानों के लिए जाने जाते हैं।