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Sonipat News: सोनीपत में आधुनिक तकनीक से होगा ट्रैफिक प्रबंध, 2 फेज में लगेंगे 175 करोड़ रुपए से 1150 स्मार्ट कैमरे

हरियाणा प्रदेश के सोनीपत शहर में अब आधुनिक तकनीक से ट्रैफिक प्रबंध की तैयारी चल रही है। इसके लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च करेगी। शहर की सुरक्षा व्यवस्था व ट्रैफिक प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है।
 

Sonipat News: हरियाणा प्रदेश के सोनीपत शहर में अब आधुनिक तकनीक से ट्रैफिक प्रबंध की तैयारी चल रही है। इसके लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च करेगी। शहर की सुरक्षा व्यवस्था व ट्रैफिक प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। शहर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए करीब 175 करोड़ रुपए रुपए खर्च किए जाएंगे।

इससे करीब 1150 अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में शहर की मुख्य सड़कों, घनी आबादी वाले आंतरिक इलाकों और संवेदनशील बिंदुओं को कवर किया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में मास्टर रोड और प्रमुख राजमार्गों पर कैमरों का नेटवर्क बिछाया जाएगा। परियोजना के सटीक क्रियान्वयन के लिए पीडब्ल्यूडी, आरटीए और नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों से उन लोकेशनों की रिपोर्ट मांगी जा है, जहां कैमरे लगाना आवश्यक है।

हाईटेक कमांड सेंटर भी किया जाएगा स्थापित

योजना के तहत एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर सर्विलांस, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, सार्वजनिक सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया के लिए मुख्य कंट्रोल रूम के रूप में कार्य करेगा।इस परियोजना में पुलिस विभाग की केंद्रीय भूमिका रहेगी। शहर के नए सीसीटीवी नेटवर्क को डायल-112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे किसी भी दुर्घटना या अपराध की स्थिति में पुलिस को तुरंत अलर्ट मिलेगा और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

यह रहेगी अत्याधुनिक कैमरे तकनीक की खासियतें

हाई-रिजॉल्यूशन सर्विलांस कैमरे : ये कैमरे दिन और रात दोनों समय अत्यधिक स्पष्ट और हाई-डेफिनिशन वीडियो फुटेज रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम : एआई आधारित यह प्रणाली भीड़भाड़ वाले इलाकों में वांछित अपराधियों, संदिग्धों या गुमशुदा व्यक्तियों के चेहरों को डेटाबेस से मैच करके तुरंत पहचान लेती है।

ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशनः हाई-स्पीड गाड़ियों के नंबर प्लेट को भी सटीकता से स्कैन और रिकॉर्ड करने में सक्षम, जिससे चोरी के वाहनों या नियम तोड़ने वालों को तुरंत पकड़ा जा सके। 

रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन : चौराहों पर सिग्नल जंप करने वाली गाड़ियों की स्वचालित इमेज और वीडियो कैप्चर करके ई-चालान जनरेट करने में मददगार।

स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन : तय सीमा से अधिक रफ्तार में दौड़ने वाले वाहनों की गति को रियल-टाइम में ट्रैक कर डेटा कंट्रोल रूम को भेजता है। एआई/एमएल आधारित वीडियो एनालिटिक्स: लावारिस वस्तुओं, अवैध पार्किंग, संदिग्ध गतिविधियों या अचानक जुटने वाली भीड़ का अपने आप पता लगाकर अलार्म बजाता है।

बॉडी वॉर्न कैमरा सिस्टम : ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के कपड़ों या हेलमेट पर लगे ये कैमरे ग्राउंड जीरो की पारदर्शी लाइव फुटेज सीधे आईसीसीसी तक पहुंचाएंगे।