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पिता ने जमीन बेचकर पढ़ाया, अब मजदूर का बेटा बना पुलवामा का पहला IAS, गर्व से चौड़ा हुआ पिता का सीना 

 
Success Story: पुलवामा का जब भी नाम सामने आता है तो लोगों को 14 फरवरी 2019 का अटैक याद आ जाता है. इस अटैक में देश के 40 जवान शहीद हो गए थे और भारतीय इतिहास में इसे काला दिन माना जाता है. लेकिन अब इसी पुलवामा में एक लड़के ने संघर्ष करके कामयाबी की कहानी लिख दी है. हम बात कर रहे हैं पुलवामा के पहले आईएएस ऑफिसर तौसीफ अहमद गनी की.
 पिता ने मजदूरी करके पढ़ाया 
 तौसीफ अहमद गनी पुलवामा के एक छोटे से गांव से आते हैं और उनकी सफलता की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि जहां आर्थिक तंगी के वजह से युवा अपने सपने छोड़ देते हैं वही संघर्ष करते हुए भी तौसीफ ने देश के सबसे कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया. तौसीफ के पिता मोहम्मद इसाक एक मजदूर हैं और जहां तक हो सका उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाया.
 बेटे के पढ़ाई के लिए बेच दी जमीन
 तौसीफ के पिता ने बताया कि कम उम्र में ही उन्होंने कमाना शुरू कर दिया था और बचपन से ही संघर्ष कर रहे हैं. वह पढ़ाई की ताकत को काफी अच्छी तरह से समझते हैं इसलिए अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्होंने जमीन तक बेच दी. तौसीफ के पढ़ाई के लिए उन्होंने अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया.
तौसीफ के लिए इस सपने को साकार करना इतना आसान नहीं था क्योंकि कई बार उन्हें इस परीक्षा में नाकामयाबी मिली. 2022 में कॉलेज खत्म करके वह पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया लेकिन फेल हो गए इसके बाद 2024 में भी वह फेल हो गए. लेकिन पिता ने उन्हें मोटिवेट किया और इसके बाद उन्होंने सफलता की कहानी लिख डाली . तीसरे प्रयास में उन्हें ऑल इंडिया में 294 रैंक प्राप्त हुई. आज वह आईएएस ऑफिसर बन चुके हैं.