Ankush Panghal: जब कबड्डी छोड़ चुनी बॉक्सिंग तो गांव वालों ने उड़ाया मजाक, आज हरियाणवी छोरे ने गोल्ड जीत रचा इतिहास
Ankhush Panghal : भारत को एशियन गेम्स के 14वें दिन फिर से गोल्ड हासिल हुआ है। हरियाणवी छोरे ने बॉक्सिंग में 80 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। कोरियाई बॉक्सर को हराकर हरियाणा के अंकुश पंगाल ने गोल्ड जीता है।
कौन है अंकुश?
21 वर्षीय अंकुश हरियाणा के हिसार जिले के भेड़िया गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म 13 अगस्त 2005 को एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। अंकुश के पिता सुरेश पंघाल किसानी के साथ-साथ खेल से भी जुड़े हुए हैं। उनके पिता एक कबड्डी प्लेयर थे और अंकुश भी अपने पापा के साथ शुरू में कबड्डी खेलते थे। उन्होंने कई बार कबड्डी में जिला स्तर प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी जीता था लेकिन उनके पापा चाहते थे कि हम कुछ बॉक्सिंग करें।
गांव वालों ने उड़ाया मजाक
अंकुश ने जब बॉक्सिंग चुना तो गांव के लोगों ने उनका काफी मजाक उड़ाया। लेकिन अंकुश ने किसी बात की परवाह नहीं की और अपनी ट्रेनिंग को जारी रखी। 11 साल के थे तभी से उन्होंने बॉक्सिंग शुरू कर दी थी और उनके पिता उनका गांव से 15 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग सेंटर में रोजाना छोड़ने पैदल जाते थे।
एक समय ऐसा आया जब अंकुश बॉक्सिंग छोड़ना चाहते थे क्योंकि वह स्टेट लेवल के चैंपियनशिप के फाइनल में हार गए थे लेकिन उनके पिता ने उनका हौसला बढ़ाया। 2025 के वर्ल्ड चैंपियनशिप में अंकुश को सिल्वर जीतने का मौका मिला और इस बार एशियाई गेम्स में हरियाणवी छोरे ने गोल्ड जीतकर सबको हैरान कर दिया है।