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“म्हारी छोरियां छोरों से कम स के" अनगिनत संघर्षों से भरी हुई है एशियन गोल्ड मेडलिस्ट जींद की बेटी नीरू ढांडा की सफलता की कहानी

 

 

Haryana News: हरियाणा प्रदेश के दिल जींद जिले से निकले एक चमकते सितारे की पूरे देश में आज चर्चा हो रही है। आमिर खान की एक प्रख्यात फिल्म ‘दंगल' के डायलॉग “म्हारी छोरियां छोरों से कम स के" को आज जींद की बेटी नीरू ढांडा ने सही साबित कर दिया है। जींद जिले के छोटे से गांव संगतपुरा में जन्मी नीरू ने आज जापान में चल रहे एशियाई गेम्स की शूटिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल कर सफलता का परचम तो लहराया ही है, साथ ही साथ जो लोग छोटी मानसिकता के साथ किए कहते हैं कि खेल के मैदान में बेटियां नहीं बल्कि बेटे आगे हैं, उनके मुंह पर करारा तमाचा भी लगाया है। बता दें कि नीरू ने यह सफलता अस्पताल में बीमारी से छुट्टी मिलने के बाद हासिल की है। नीरू ने अपनी सफलता का श्रेय कोच मनशेर सिंह और अपनी मां सुदेश को दिया है।

 

अनगिनत संघर्षों से भरी हुई है नीरू की सफलता की कहानी 

 

नीरू ने इस सफलता को हासिल करने और देश का नाम रोशन करने के लिए अनगिनत संघर्षों की नदी पार की है। देश के लिए कुछ कर गुजरने का सपना संजोए हुए हरियाणा प्रदेश के छोटे से जिले जींद के ग्रामीण क्षेत्र में पली-बढ़ी नीरू की सफलता के चर्चे आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब हो रहे हैं। जींद की बेटी नीरू ढांडा को ने बचपन से ही आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं बल्कि आर्थिक परेशानियों के चलते नीरू का परिवार उसके लिए शूटिंग हेतू सुविधाएं जुटाना में भी समर्थ नहीं था। तकरीबन ढाई हजार की आबादी वाले जींद जिले की संगतपुरा गांव में नीरू के घर की आज भी पुताई नहीं हुई है।

 

नीरू की कामयाबी के पीछे छिपी है उनकी मां की संघर्षों की कहानी ‌

एशियाई गोल्ड मेडलिस्ट नीरू ढांडा एक किसानी परिवार से आती हैं। नीरू के पिता गांव में ही करीब तीन एकड़ जमीन पर खेती-बाड़ी करते हैं। संगतपुरा गांव की समाजसेवी सतपाल उर्फ सत्तू ने बताया कि नीरू ढांडा का परिवार आज भी आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। उन्होंने कहा कि नीरू की सफलता के पीछे उनकी मां सुदेश के संघर्षों की कहानी छिपी हुई है। नीरू की मां ने घर पर भैंस पालकर और उनसे होने वाली पूरी कमाई अपनी बेटी के खेलको निखारने के लिए लगा थी। सतपाल संगतपुरा ने कहा कि हमारे छोटे से गांव से निकली अनमोल प्रतिभा नीरू ढ़ांडा ने एशियन गेम में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने के साथ समस्त ग्रामवासियों को गर्व की अनुभूति कराई है।