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तहसीलदारों की हड़ताल से रजिस्ट्री से लेकर प्रमाण पत्र तक अटके, दिनभर लोग परेशान

हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार गुरुवार को हड़ताल पर रहे। एसोसिएशन का कहना है कि गुरुग्राम के वजीराबाद, नारायणगढ़ और पंचकूला के रायपुर रानी में अधिकारियों को सस्पेंड किए जाने से अधिकारियों में रोष है। उनका आरोप है कि बिना उचित जांच कार्रवाई कर भय का माहौल बनाया जा रहा है।
 

Haryana News: हरियाणा में पटवारी और कानूनगो की तीन दिन की हड़ताल के बाद अब नायब तहसीलदार, तहसीलदार और जिला राजस्व अधिकारियों के एक दिन के पेन-डाउन आंदोलन ने काम-काज की रफ्तार पूरी तरह थाम दी। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तहसीलदारों की हड़ताल के कारण लोग परेशान दिखाई दिए। सिरसा जिले की पांचों तहसीलों सिरसा, डबवाली, नाथूसरी चौपटा, कालांवाली और रानियां में रजिस्ट्री, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र सहित अधिकांश राजस्व कार्य ठप रहे। नतीजतन 200 से 250 रजिस्ट्री संबंधित काम नहीं हो सके और एक ही दिन में 3 से 4 करोड़ रुपए के राजस्व पर असर पड़ा। 

गुरुवार की सुबह से ही हरियाणा के जींद, सिरसा, हिसार, फतेहाबाद सहित विभिन्न जिलों के तहसील परिसरों में आम दिनों की चहल-पहल नहीं दिखा। जहां सामान्यतः रजिस्ट्रियों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए कार्यालयों के बाहर लोगों की कतारें लगती हैं, वहां सन्नाटा पसरा दिखा।

रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग दिनभर तहसील के चक्कर काटते रहे, लेकिन हड़ताल की सूचना देर से मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले तहसीलदार व नायब तहसीलदार गुरुवार को पेन-डाउन हड़ताल पर रहे। नायब तहसीलदार, तहसीलदार और जिला राजस्व अधिकारी के हड़ताल पर जाने से रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह बंद हो गया। इसके साथ ही जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, डोमिसाइल, तकसीम-इंतकाल जैसे जरूरी राजस्व काम भी रुक गए। जिले में कुल 8 नायब तहसीलदार व तहसीलदार तैनात हैं और तहसील स्तर के करीब 80 फीसदी कार्य इन्हीं के माध्यम से होते हैं, ऐसे में असर व्यापक रहा।

नायब तहसीलदारों और तहसीलदारों की ये हैं मांगें

हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार गुरुवार को हड़ताल पर रहे। एसोसिएशन का कहना है कि गुरुग्राम के वजीराबाद, नारायणगढ़ और पंचकूला के रायपुर रानी में अधिकारियों को सस्पेंड किए जाने से अधिकारियों में रोष है। उनका आरोप है कि बिना उचित जांच कार्रवाई कर भय का माहौल बनाया जा रहा है।

एसोसिएशन की मांग है कि किसी भी तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति ली जाए और निष्पक्ष जांच हो। जब तक सस्पेंड अधिकारियों की बहाली नहीं होती, तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर रहेंगे। (Haryana News)