Jind News: जींद जिले के इस गांव में ग्रामीणों ने स्कूल में डाली थी मिट्टी, लेकिन स्कूल प्रमुख ने बना दिया 22 लाख रुपए का एस्टीमेट
Jind News: जींद जिले के गांव किशनपुरा के ग्रामीणों ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर शहीद महावीर सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्कूल में चल रहे विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
पूर्व सरपंच सतबीर यादव, पूर्व सरपंच बलबीर शर्मा, सतपाल उर्फ पाला, बलबीर सिंह व गोविंद ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि विद्यालय मुखिया की मनमानी से स्कूल का स्टाफ और अभिभावक परेशान हैं, जिससे स्कूल का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में विकास कार्य बिना किसी की राय लिए करवाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब विद्यालय मुख्यमंत्री सौंदर्याकरण प्रतियोगिता मैं खंड स्तर पर प्रथम रहा था, तो मेजर रिपेयर की जरूरत क्यों पड़ी? आरोप है कि इसी सत्र में विद्यालय में लाखों रुपए की मिट्टी डलवाई गई, जबकि वर्ष 2022-23 में ग्रामीणों ने पहले ही पर्याप्त मिट्टी भरवाई थी। इसके बावजूद 22 लाख रुपए से अधिक की मिट्टी का एस्टीमेट बनाया गया। ग्रामीणों ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए। वहीं मुख्य अध्यापक ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
बिना अनुमति के मंगवाई जीपीएस ग्रांट
ज्ञापन में कहा गया है कि पहले भी स्कूल प्रबंध कमेटी और पंचायत द्वारा इस संबंध में पत्राचार किया गया था, जिसके बाद मुख्याध्यापक का तबादला हुआ था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से वे रिलीव नहीं हुए और स्टे ले लिया। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय मुखिया ने जीपीएस की मेजर रिपेयर ग्रांट मंगवाई, जबकि विद्यालय को इसकी आवश्यकता नहीं थी। प्राथमिक विद्यालय से कोई अनुमति नहीं ली गई और न ही यू-डाइस प्रमाणपत्र को आधार माना गया।