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जींद जिले में पांच अल्ट्रासाउंड केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, लिंगानुपात में सुधार हेतु कंगाल खंगाला रिकॉर्ड

सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली के नेतृत्व में चलाए अभियान के दौरान डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला और एलएमओ डॉ. वंदना की टीम ने पांच अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया। 
टीम ने पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत फार्म, दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले।
 

Haryana Line, Jind News: जींद जिले को लिंगानुपात के मामले में प्रदेश में फिर शीर्ष स्थान पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गुरुवार को 13 स्वास्थ्य टीमें फील्ड में उतरीं। टीमों ने विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों की जांच की।

पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत  खंगाला रिकॉर्ड 

सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली के नेतृत्व में चलाए अभियान के दौरान डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला और एलएमओ डॉ. वंदना की टीम ने पांच अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया। टीम ने पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के तहत फार्म, दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले। विभाग का उद्देश्य केंद्रों पर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। सिविल सर्जन ने कहा कि लिंगानुपात में स्थायी सुधार के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक सोच बदलना भी जरूरी है। बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां शिक्षा, खेल, प्रशासन, चिकित्सा और विज्ञान सहित हर क्षेत्र में जिले का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने लोगों से बेटियों को बोझ न समझने और उन्हें समान अवसर देने की अपील की।