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Jind News: ट्रायल के बाद अब प्लांट की तकनीकी और कागजी प्रक्रिया भी हुई पूरी

जींद से सोनीपत के बीच शुरू होने जा रही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर बाद अपडेट सामने आया है। भारतीय रेलवे के इतिहास में जींद जिला एक स्वर्णिम अध्याय लिखने के बेहद करीब पहुंच गया है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पटरी पर उतारने की दिशा में जींद में बने हाइड्रोजन प्लांट की तकनीकी और कागजी प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है।
 

Hydrogen Train: जींद से सोनीपत के बीच शुरू होने जा रही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर बाद अपडेट सामने आया है। भारतीय रेलवे के इतिहास में जींद जिला एक स्वर्णिम अध्याय लिखने के बेहद करीब पहुंच गया है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पटरी पर उतारने की दिशा में जींद में बने हाइड्रोजन प्लांट की तकनीकी और कागजी प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। गुरुवार को लखनऊ से रेलवे की एक उच्च स्तरीय रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम ने जींद स्थित हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया और
तकनीकी व प्रशासनिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।

उल्लेखनीय है कि महज दो दिन पहले ही इस आधुनिक ट्रेन का ट्रायल सफलता पूर्वक संपन्न हुआ था। सीसीआरएस की टीम ने ट्रायल के दौरान ट्रेन के इंजन, पावर सप्लाई और हाइड्रोजन ईंधन की खपत का बारीकी से विश्लेषण किया गया। 85 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन को दौड़ाया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं, जिससे अब इसके कमर्शियल रन (व्यावसायिक संचालन) का रास्ता साफ हो गया है। टीम की इस कागजी कार्रवाई को अंतिम मुहर के रूप में देखा जा रहा है। यह ट्रेन न केवल भारतीय रेलवे की तकनीक का लोहा मनवाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी।

सूत्रों के मुताबिक प्रति किलोमीटर 0.78 किलोग्राम के आसपास माइलेज खपत आई है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड और मंत्रालय को भेजी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही दिनों में प्रधानमंत्री या रेल मंत्री इस ट्रेन को वर्चुअल या भौतिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। जींद के इस प्लांट में हाइड्रोजन उत्पादन की क्षमता और सुरक्षा मानकों को लेकर टीम ने संतोष व्यक्त किया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जींद-सोनीपत रूट पर इस ट्रेन के चलने से स्थानीय यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधा मिलेगी और जींद का नाम वैश्विक मानचित्र पर उभरेगा।

लग्जरी सीटों पर प्रदूषण रहित ट्रेन में यात्री करेंगे सफर

यह ट्रेन धुएं के बजाय केवल पानी की भाप छोड़ेगी। इतना ही नहीं, डीजल इंजनों के मुकाबले इसका शोर न के बराबर है। विशेषज्ञों के अनुसार स्वदेशी तकनीक अपनाई गई और इस प्रोजेक्ट में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी गई है। वहीं लग्जरी सीटों पर प्रदूषण रहित ट्रेन में यात्री सफर का लुत्फ उठा पाएंगे।