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जानिए असली धुरंधर की कहानी, ज़ब राजस्थान का बेटा पाकिस्तानी सेना में बन गया था मेजर, देश के लिए लुटा दी अपनी जान 

 
Ravindra Kaushik story:  धुरंधर 2 मूवी सबको पसंद आ रही है लेकिन क्या आपको पता है की असली धुरंधर कौन था। जी हां असली धुरंधर यानी कि रविंद्र कौशिक। भारत का वह बेटा जो पाकिस्तान के सेना में मेजर बन गया और पाकिस्तान में रहकर ही अपने देश का सेवा करता रहा। रविंद्र कौशिक पाकिस्तान की खुफिया जानकारी भारत तक पहुंचाते थे।
राजस्थान का बेटा बना था पाकिस्तान का सिर दर्द 
रविंद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ था। यह इलाका भारत-पाकिस्तान की सीमा के करीब है इसलिए बचपन से ही उन्हें पंजाबी और स्थानीय बोलियो के बारे में अच्छी समझ थी। वह एक सामान्य परिवार से आते थे लेकिन रंगमंच में काफी गहरी रुचि रखे थे। वह अपने आप को किसी भी रूप में जल्द ढाल लेते थे यही गुण उनके जीवन के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
1973 में लखनऊ में एक राष्ट्रीय नाटक प्रतियोगिता के दौरान उनके अभिनय ने भारत के बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के अधिकारियों का ध्यान खींच लिया। उनके चेहरे का एक्सप्रेशन बदलने का तरीका और आत्मविश्वास उन्हें एक परफेक्ट RAW उम्मीदवार बना दिया। इसके बाद उन्हें तमाम तरह की ट्रेनिंग दी गई।
 पाकिस्तान जाकर बदल लिए नाम 
 1975 में 23 साल की उम्र में रविंद्र कौशिक नबी अहमद शाकिर के नाम से पाकिस्तान चले गए। यहां उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की और उनकी कवर स्टोरी को भी मजबूत बनाया।
 मेहनत और काबिलियत से उन्हें पाकिस्तान आर्मी में जाने का मौका मिला। पहले तो उनका सिलेक्शन एक कलर के रूप में हुआ बाद में प्रमोशन पाकर वह मेजर के रैंक तक पहुंच गए।
 भारत के लिए कुर्बान कर दी जिंदगी
 1979 से 1983 तक वह एक रॉ एजेंट बनकर पाकिस्तान से खुफिया जानकारी भारत भेजने थे। भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें उसे समय ब्लैक टाइगर का कोड नाम दिया था जो जासूसी के दुनिया का एक अनोखा सम्मान था।
 1983 में उन्हें ISI ने शक होने के बाद गिरफ्तार कर लिया और कई तरह की यातनाएं दी गई। 1985 में उन्हें पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुना दी। जेल में उन्हें कई तरह के यातनाएं सहनी पड़ी इसके बाद 18 से 20 साल जेल में रहने के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।