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HAPPY CARD : हरियाणा में ITI छात्रों को बड़ा झटका, सैनी सरकार ने खत्म कर दी मुफ्त बस की सर्विस

फ्री में मिलने वाली यात्रा समाप्त कर दी है: नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे 50 में से 40 हजार प्रशिक्षुओं की शिक्षा को बड़ा झटका दिया है। विभाग ने इन 40 हजार विद्यार्थियों के फ्री में मिलने वाली यात्रा समाप्त कर दी है।
 

Haryana Roadways Happy Card: हरियाणा में इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां रोडवेज विभाग ने प्रदेश की 380 राजकीय और निजी आईटीआई में नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे 50 में से 40 हजार प्रशिक्षुओं की शिक्षा को बड़ा झटका दिया है। विभाग ने इन 40 हजार विद्यार्थियों के फ्री में मिलने वाली यात्रा समाप्त कर दी है।


150 किमी. तक फ्री बस पास की सुविधा
अधिक जानकरी के लिए बता दे की ITI में पढनें वाले इन छात्रों को 150 किलोमीटर तक फ्री बस की सुविधा सरकार द्वारा प्रदान की जाती थी। लेकिन अब सरकार ने इन लोगों को बड़ा झटका दिया है। बता दे की इन प्रशिक्षुओं में 20 हजार छात्राएं भी शामिल हैं, प्रदेश सरकार छात्राओं को 150 किमी. तक निश्शुल्क बस पास की सुविधा उपलब्ध करा रही है। 


मिली जानकारी के अनुसार बता दे की जुलाई 2024 से सरकार ने स्कूल व कॉलेज में पढ़ने वाले लड़कों के लिए भी निश्शुल्क बस पास की सुविधा दी थी।

अब बस पास की मांगी जा रही है फीस
आईटीआई में जितने भी कोर्स करवाए जाते हैं, वह नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग या स्टेट काउंसिल फोर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) के तहत आने वाली ट्रेड शामिल हैं।
आईटीआई में NCVT के तहत आने वाली सभी ट्रेड में पढने वाले छात्रों के लिए यह सुविधा बंद कर दी है। इनसे बस पास की फीस मांगी जा रही है। 


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नियमों के आधार पर लिया गया फैसला'
इसको लेकर हरियाणा रोडवेज (Haryana Roadways) अंबाला के जीएम अश्वनी डोगरा ने कहा कि जो भी किया गया है वह नियमों के आधार पर ही किया गया है। एससीवीटी के तहत आने वाली ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों को ही निश्शुल्क बस पास की सुविधा दी जा सकती है। 

एनसीवीटी ( NCVT) के अधीन आने वाली ट्रेड के विद्यार्थियों को फीस भरनी होगी। बाकी इस बारे में जो भी नियम हैं, वह रिकॉर्ड देखने के बाद ही बताए जा सकेंगे।

राजकीय महिला आईटीआई अंबाला की प्रिंसिपल ने कहा 
वहीं, राजकीय महिला आईटीआई (ITI) अंबाला की प्रिंसिपल गुरचरण ने कहा कि हमारी आईटीआई में 330 छात्राएं हैं, जो कि एनसीवीटी (NCVT) के तहत ट्रेड में प्रशिक्षण ले रही हैं। अभी तक इन छात्राओं के निश्शुल्क बस पास बनते थे, लेकिन अब रोडवेज वाले फीस भरने के लिए कह रहे हैं। 

केवल एनसीवीटी ट्रेड में प्रशिक्षण ले रही छात्राओं व छात्रों के लिए फीस निर्धारित की गई है। हम जीएम रोडवेज से भी मिले थे, उन्होंने भी यही कहा कि सरकारी हिदायतों के अनुसार ही फीस ली जा रही है।


यह है अधिकारियों का तर्क
वहीं, अधिकारियों के की बाते समझें तो उनका कहना है की एनसीवीटी (NCVT ) केंद्र सरकार की ट्रेड हैं, जबकि एससीवीटी (SCVT) राज्य सरकार की। वह राज्य सरकार के अधीन आने वाली ट्रेड में ही पढ़ने वाले बच्चों को निश्शुल्क बस पास सुविधा दे सकते हैं।

दिसंबर 2013 में छात्राओं को निश्शुल्क बस पास (FEE PASS) की सुविधा प्रदेश में मुहैया करवाई गई थी, जिसे 2017 में विस्तार देते 60 किमी से 150 किमी तक बढ़ाकर फ्री कर दिया गया था।