सिरसा में स्टे के बावजूद रजिस्ट्री...नायब तहसीलदार समेत 7 पर प्राथमिकी
Haryana News : हरियाणा के सिरसा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की गांव वैदवाला की करीब दो कनाल नहरी जमीन को अदालत के स्टे के बावजूद बेचने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री करवाने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने सोमवार को नायब तहसीलदार, डीड राइटर और नंबरदार समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
96 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से तय
फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी रजतपाल कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने दो कनाल नहरी जमीन खरीदने का सौदा सुखविंद्र कौर से 20 फरवरी 2026 को किया था। सौदा 96 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से तय हुआ था। इसके लिए 11.11 लाख रुपये बतौर बयाना दिए थे। रजिस्ट्री की तारीख 30 मई 2026 तय की गई थी।
शिकायत के अनुसार इकरारनामे पर सुखविंद्र कौर के बेटे
मनजीत सिंह ने भी सहमति के तौर पर हस्ताक्षर किए थे। दस्तावेज पर गवाहों के हस्ताक्षर करवाकर उसे नोटरी से सत्यापित कराया गया था। आरोप है कि बाद में आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता को धमकाते हुए बयाने की रकम हड़पने
इन पर हुई कार्रवाई
अधिक जानकारी के लिए बता दे की जांच अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि आरोपियों में नायब तहसीलदार अशोक कुमार, डीड राइटर जगदेव सिंह, नंबरदार हरबंस सिंह व जसपाल सिंह, गांव वैदवाला निवासी सुखविंद्र कौर, उसका बेटा मनजीत सिंह और हुडा कॉलोनी सिरसा निवासी गुरमीत कौर शामिल हैं।
और जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम नहीं कराने की बात कही। जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की तैयारी की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त सिविल जज, सिरसा की अदालत में सिविल केस दायर किया। शिकायत के मुताबिक अदालत ने 7 अप्रैल को जमीन आगे बेचने पर रोक लगा दी थी।
इसके बावजूद 25 मई को बेनामा नंबर 1535 के जरिये जमीन गुरमीत कौर के नाम कर दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार वह एक जून को इकरारनामे के तहत रजिस्ट्री करवाने के लिए बकाया राशि लेकर तहसील पहुंचा। वहां उसे पता चला कि जमीन की रजिस्ट्री गुरमीत कौर के नाम हो चुकी है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
