हरियाणा के इस गांव में 200 घर होंगे खाली, नोटिस जारी
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने पोलड़ गांव के 200 से अधिक परिवारों को घर खाली करने के नोटिस भेजे हैं, जिसके बाद से ग्रामीणों में हड़कंप है। पुरातत्व विभाग का मानना है कि ऐतिहासिक होने के कारण इस गांव में प्राचीनकाल के अवशेष मिल सकते हैं। कई बार पुरातत्व विभाग गांव के अलग-अलग हिस्से में खुदाई भी कर चुका है। इसको लेकर कई दशकों से ग्रामीणों को गांव खाली करने के नोटिस जारी होते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग जानबूझकर गांव को उजाड़ना चाहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई दिन से गांव में डाकिया नोटिस लेकर आ रहा है। नोटिस में पुरातत्व विभाग के ऑर्डर हैं, जिनमें लिखा गया है कि गांव को जल्द खाली कर दिया जाए। ग्रामीण जगमोहन ने बताया कि मेरे नाम से भी नोटिस आया है, जिसमें लिखा है कि गांव को खाली किया जाए। यह गांव भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय बसा था। यहां पर स्कूल से लेकर अन्य सरकारी सुविधाएं भी हैं। 2005 में नोटिस का दौर शुरू हुआ था। इसके बाद 2009 और अब फिर नोटिस आए हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गांव को न उजाड़ा जाए।
सरस्वती नदी व पुलस्त्य मुनि से जुड़ा है गांव का इतिहास
गांव पोलड़ में सरस्वती मंदिर भी है। सरस्वती बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि सरस्वती नदी की धारा जमीन के नीचे से बह रही है। जो पोलड़ से होकर निकल रही है। मान्यता है कि यह स्थल रावण के दादा पुलस्त्य मुनि की तपोस्थली रहा है। पुलस्त्य मुनि ने यहां सरस्वती के किनारे स्थित इक्षु पति तीर्थ पर तपस्या की थी। मान्यता है कि रावण का बचपन यहीं बीता था।
गांव पोलड़ के ग्रामीणों को इस प्रकार के नोटिस मिले हैं, ये मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत की जाएगी। - प्रीति, डीसी, कैथल।
