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कलेक्टर की सख्ती से खुली 37 साल पुरानी फाइल, वर्धमान कॉलोनी में पार्क की जमीन होने की पुष्टि

 
Guna News
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Guna News: गुना की वर्धमान कॉलोनी में पार्क की जमीन को लेकर 12 साल से चल रहे विवाद में बुधवार को बड़ा मोड़ आया, जब कलेक्टर किशोर कुमार कान्याल की सख्ती के बाद राजस्व और नगर पालिका की टीम ने मौके पर जाकर जमीन की नापजोख की। अब तक यह कहा जा रहा था कि कॉलोनी से जुड़े दस्तावेज टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) के पास नहीं हैं, लेकिन कलेक्टर के निर्देश पर दस्तावेज खोजने का दबाव बढ़ा, तो 37 साल पुरानी एक फाइल सामने आ गई।

इस फाइल में साफ तौर पर लिखा है कि वर्धमान कॉलोनी में पार्क के लिए 41,400 वर्गफुट जमीन छोड़ी गई थी। सूचना के अधिकार के तहत कॉलोनीवासियों को इसकी प्रति भी उपलब्ध करा दी गई है।

कॉलोनी के निवासी रमेश जैन और गोपाल कृष्ण सोनी बताते हैं कि उनकी प्लॉट रजिस्ट्री में भी उल्लेख है कि कॉलोनी टीएनसीपी से अप्रूव है और पार्क की जमीन छोड़ी गई है। 2012 में नगर पालिका से नक्शा भी मिला था, जिसमें यह जमीन अंकित है। इसी आधार पर उन्हें बैंकों से लोन भी पास हुआ। लेकिन अब कॉलोनाइजर अजय जैन इस जमीन को बेचने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं कॉलोनाइजर का दावा है कि उन्होंने कभी कोई नक्शा पास नहीं कराया और पार्क की कोई जमीन नहीं छोड़ी गई। वह कॉलोनीवासियों पर फर्जी कागज बनाने का आरोप लगा रहे हैं।

टीएनसीपी के अधिकारी सावन कोचले का कहना है कि करीब 40 साल पहले यह कॉलोनी ग्वालियर कार्यालय से अप्रूव हुई थी, क्योंकि तब गुना में टीएनसीपी का कार्यालय नहीं था। संभव है कि नक्शा वहीं बना और वहीं गुम हो गया हो।

लोगों का आरोप है कि विभाग ने अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, लेकिन कलेक्टर की सख्ती के बाद अब सच्चाई सामने आने लगी है।