Haryana News: जींद में डिप्टी स्पीकर ने चार टीबी मरीजो को गोद, टीबी मुक्त भारत अभियान को दिखाई हरी झंडी
Jind News: जींद शहर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में निक्षय अभियान की शुरूआत हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्णलाल मिढ़ा ने जींद के नागरिक अस्पताल से स्वास्थ्य वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर किया। इस अवसर पर उन्होंने चार टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा की और अन्य सकारात्मक सोच वाले नागरिकों से भी आह्वान किया कि वे टीबी के अन्य मरीजों को गोद लेकर टीबी मुक्त भारत अभियान में अपनी भागिदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उन्होंने टीबी के मरीेजों को किट भी मुहैया करवाई। इस मौके पर एसएमओ डॉ. राजेश भोला, डॉ. विजेन्द्र ढांडा, डॉ. संदीप लोहान, डॉ. अनिल कौशिक, डॉ. नवनीत तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह का लक्ष्य स्वास्थ्य व शिक्षा को सुदृढ करना है। बड़ी खुशी की बात है कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नडडा द्वारा टीबी के खात्मे के लिए हरियाणा से शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने टीबी उन्मूलन के लिए नई सोच और अप्रोच अपनाई है। इस सौ दिवसीय अभियान का लक्ष्य टीबी के मरीजों का पता लगाकर उनका उपचार करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश के लोगों को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। आज भारत मुक्त टीबी अभियान की जो शुरूआत की है उसमें टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए मरीज की पहचान कर उसका इलाज करना जरूरी है, लिहाजा मैडिकल इस वाहन में मैडिकल उपकरणों के साथ-साथ डॉक्टरों की टीम भी साथ रहेगी। मरीजों के इलाज के साथ-साथ इस बीमारी के प्रति उनकों जागरूक करने पर भी ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के 100 दिन मील का पत्थर साबित होंग। सरकार द्वारा आज टीबी मुक्त अभियान की जो शुरूआत की हैं। उसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला के स्लम क्षेत्र, भटठे, निर्माण, वृद्धाश्रम, होस्टल, अनाथालय, झुग्गी बस्ती, टपरिवास कॉलोनी समेत उन क्षेत्रों में जाएगी जहां टीबी का प्रकोप ज्यादा होने की सम्भावना है। इसके लिए सम्भावित मरीजों का टेस्ट, उपचार से लेकर अन्य जरूरी चीजों को इस अभियान में शामिल किया गया है। चिन्हित किए गए मरीजों को दवाइयां व किट मुहैया करवाई जाएगी तथा जब तक मरीज के अंदर से टीबी के लक्ष्ण समाप्त नहीं हो जाते तब तक एक हजार रूपए महीना मरीज के खुराक भत्ता के रूप में सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निश्चय ही इस अभियान को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 9 दिसम्बर को पानीपत से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सखी बीमा योजना की शुरूआत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वही पानीपत की एतिहासिक धरती है, जहां से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरूआत की थी। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ देशभर में जन आंदोलन बना और हर राज्य में लिंगानुपात में अभूतपूर्व सुधार हुआ। इन्हीं बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने प्रधानमंत्री ने महिलाओं और बेटियों के लिए अनेक योजनाएं शुरू की। इसी महिला सशक्तिकरण की सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब बीमा सखी योजना से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एमएसपी पर 24 फसलें खरीदी जा रही है। जिससे सरकार ने हमारे किसान वर्ग के चेहरों पर खुशी लाने का काम किया है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि जिला में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ हैै। टीबी के मरीजों के लिए 6 टीयू, 19 बलगम जांच केन्द्र, 8 सीएचसी, 27 पीएचसी तथा 186 सब सेंटर स्थापित किये गए हैं। जहां पर सम्भावित टीबी के मरीज अपनी जांच करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय जिले में 1997 मरीज टीबी की दवाइयां ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन टीबी मरीजों के परिवार के सदस्यों को भी सप्ताह में एक खुराक टीबी से सम्बधित दवाई की दी जा रही है।

