Jind News: जींद शहर में गोहाना रोड के डिवाइडरों का 42 लाख रुपए से बदलेगा स्वरूप, 22 लाख से लगेंगे फूलदार पौधे
Jind News: शहर के सुंदरीकरण और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद ने गोहाना रोड के डिवाइडरों के नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। इस कार्य पर लगभग 42.37 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। परियोजना के तहत डिवाइडरों की मरम्मत, संरचनात्मक सुधार और हरियाली विकसित करने का कार्य होना है। इसके लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 20 फरवरी को टेक्निकल बिड खोली जाएगी।
गोहाना रोड शहर की व्यस्ततम सड़कों में से एक है, जहां दिनभर वाहनों का भारी दबाव बना रहता है। ट्रैफिक अधिक होने के कारण यहां दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। पहले यहां बड़े डिवाइडर बनाए गए थे, लेकिन उन पर पेड़-पौधे नहीं लगाए गए थे, जिससे वे सूने और अव्यवस्थित दिखाई देते थे।
अब नगर परिषद ने इन्हें हरा-भरा और आकर्षक बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। डिवाइडरों पर लगभग 22 लाख रुपए की लागत से फूलदार और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। इस कार्य की शुरुआत रानी तालाब के पास से कर दी गई है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। यह परियोजना जेडी सेवन रोड के मॉडल पर विकसित की जा रही है, जहां पहले से की गई हरियाली ने मार्ग को नई पहचान दी है। उसी तर्ज पर गोहाना रोड को भी विकसित किया जाएगा ताकि यह मार्ग शहर के प्रमुख सुंदर मागों में शामिल हो सके।
शहर में हरियाली बढ़ाने और सड़कों को आकर्षक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। गोहाना रोड पर शुरू हुआ यह अभियान शहर के समग्र विकास में अहम कदम है। आने वाले समय में अन्य प्रमुख जगहों पर इसी प्रकार के कार्य किए जाएंगे। - ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नप जींद।
धूल और प्रदूषण को कम करने में सहायक होंगे पौधे
डिवाइडरों पर लगाए जाने वाले पौधे न केवल सड़क की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि धूल और प्रदूषण को कम करने में भी सहायक होंगे। हरियाली बढ़ने से प्रदूषण में सुधार होगा और राहगीरों को भी सुखद अनुभव मिलेगा। यह कार्य डी-प्लान के तहत स्वीकृत ग्रांट राशि से कराया जा रहा है, जिसे डिप्टी स्पीकर डॉ मिड्डा द्वारा जारी करवाया गया था। परियोजना के तहत डिवाइडरों की संरचना को और मजबूत किया जाएगा ताकि वे लंबे समय तक टिकाऊ रहें। साथ ही सड़क सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए उचित ऊंचाई और डिजाइन का ध्यान भी रखा जाएगा। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और वाहन चालकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे। आवाजाही में परेशानी नहीं होगी।
