हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार की उडी नींद...'तुरंत लिया ये बड़ा फेंसला
Haryana news : हरियाणा प्रदेश में निजीकरण खिलाफ बिजली कर्मियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश
के जींद जिले के नरवाना में निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करने उतरे बिजली कर्मचारियों ने अब 3 दिन की हड़ताल का ऐलान किया है।
जिसके बाद सरकार भी अब एक्शन में नजर आ रही है। बता दे की तीन दिवसीय हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने समाधान की दिशा में पहल करते हुए कर्मचारी संगठनों और अभियंताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
अधिक जानकारी के लिए बता दे की ऊर्जा मंत्री अनिल विज बुधवार को दोपहर तीन बजे चंडीगढ़ सचिवालय में बिजली कर्मचारियों तथा इंजीनियर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
बता दें कि हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने इस हड़ताल का ऐलान किया है। रविवार को जींद सिरसा समेत कई अन्य जिले की डिवीजन में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके अलावा इस प्रदर्शन में लंबित मांगों को पूरा करने के लिए भी आवाज उठाई गई।
वहीँ दूसरी तरफ बैठक में हरियाणा की पांचों इंजीनियर्स एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) की ओर से सभी संबंधित संगठनों को औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया है।
इस बीच, हरियाणा में प्रस्तावित हड़ताल को देशभर के विभिन्न बिजली कर्मचारी और अभियंता संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। इससे आंदोलन का दायरा व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।
11, 12 और 13 अगस्त को किया हड़ताल का ऐलान
जींद जिले के नरवाना में निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करने उतरे बिजली कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार द्वारा उनकी मांगे नहीं मानी गई तो 11, 12 और 13 अगस्त को बिजली कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं संयुक्त संघर्ष मोर्चा के वक्ताओं ने 3 दिन की प्रस्तावित हड़ताल में सभी कर्मचारियों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए आह्वान किया है। रविवार को नरवाना में हुए बिजली कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान यूनिट प्रधान राजबीर ढिल्लो, दीपक नैन और विक्रम संधु ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए निजीकरण के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
