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Haryana News: घग्गर उफान पर, खतरे के निशान से डेढ़ फीट ऊपर तक पहुंचा जलस्तर

पिछले एक सप्ताह से लगातार पानी छोड़े जाने से घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। घग्गर व मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गांव सिहाली, रत्ता खेड़ा, मंझेड़ी व मैंगड़ा, भूसलां, बुड़नपुर, मोहनपुर, भागल, ढंढोता, कमहेड़ी, खंबेहड़ा, सरोला, रत्ताखेड़ा लुकमान, बुबकपुर, दाबा, चाबा सहित दर्जनों गांव के किसानों की छह हजार एकड़ फसलें तबाह हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी उगाने वाले किसानों का हो रहा है। 
 
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Haryana News: पंजाब से शुरू हुआ बाढ का सिससिला अब गुहला तक पहुंच गया है। पहाडी क्षेत्र में बरसात होने के कारण गुहला क्षेत्र से गुजरने वाली घग्गर नदी पूरे उफान पर है। घग्गर नदी रविवार दोपहर दो बजे तक खतरे के निशान से करीब डेढ़ फीट ऊपर पहुंच गई। इस नदी में 52 हजार 381 क्यूसेक पानी पहुंच गया। ऐसे में अब गुहला चीका क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। बता दें कि पिछले चार दिन से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अभी तक 30 से अधिक गांवों में सात हजार एकड़ धान की फसल डूब गई है। बता दें कि भागल गांव में कुरूक्षेत्र के इस्माईलाबाद क्षेत्र से आ रही मारकंडा नदी भी कहर बरपा रही है। गुहला चीका क्षेत्र के करीब 30 गांवों में संभावित बाढ़ का डर लोगों को तेजी से सताने लगा है। 

ग्रामीण अपने घरों में पशुओं और परिवार के लिए मिट्टी के थैले, सूखा राशन और चारे का इंतजाम करने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पंजाब व हरियाणा के कई जिलों में पहले ही बाढ़ का कहर देख रहे है, ऐसे में घग्गर के उफान से उनका डर और बढ़ गया है। पिछले एक सप्ताह से लगातार पानी छोड़े जाने से घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। घग्गर व मारकंडा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गांव सिहाली, रत्ता खेड़ा, मंझेड़ी व मैंगड़ा, भूसलां, बुड़नपुर, मोहनपुर, भागल, ढंढोता, कमहेड़ी, खंबेहड़ा, सरोला, रत्ताखेड़ा लुकमान, बुबकपुर, दाबा, चाबा सहित दर्जनों गांव के किसानों की छह हजार एकड़ फसलें तबाह हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी उगाने वाले किसानों का हो रहा है। 

साल 2023 में भी इस घग्गर ने गुहला चीका क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया था, जिस कारण अभी तक लोग उस आर्थिक मार से उभरे ही नहीं थे कि अब फिर घग्गर नदी में पानी का स्तर बढ़ने ने से किसानों की चिंताएं जरूर बढ़ गई हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल की पहाड़यिों से निकलने वाली यह घग्गर नदी हर साल लोगों के लिए मुसीबत का कारण बनती आ रही है। इसके अलावा इस घग्गर नदी में मारकंडा व टांगरी नदी के अलावा और भी बहुत से छोटे नालों का पानी इस घग्गर में आता है।

आमजन भुगत रही खामियाजा

घग्गर नदी के साथ स्थित गांव निवासी गुरनाम सिंह मंझेडी, गुरदेव जोशन रताखेड़ा, सुभाष भागल, हरभजन सिंह, बचीतर सिंह आदि लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को बरसात के मौसम से पहले घग्गर नदी की साफ सफाई करवानी चाहिए थी व कमजोर बांधों पर मिट्टी या मिट्टी के थैले भरकर लगाने चाहिए थे, लेकिन अब सफाई नहीं होने से खामियाजा आमजन को ही भुगतना पड़ रहा है।