शिवपुरी जिले में 2463 शिक्षक अभी भी ई-अटेंडेंस नहीं लगा रहे
Shivpuri News: शिवपुरी जिले में शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना और लापरवाही पर अंकुश लगाना है। हालांकि, विभागीय आंकड़ों के अनुसार आदेश के दो महीने बाद भी जिले में केवल 68 प्रतिशत शिक्षक-कर्मचारी ही ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। बड़ी संख्या अब भी परंपरागत हस्ताक्षर रजिस्टर पर ही भरोसा कर रहे हैं।
जिले में कुल 7786 शिक्षक और कर्मचारी ई-अटेंडेंस के दायरे में आते हैं, लेकिन 1 सितंबर तक केवल 5079 शिक्षकों-कर्मचारियों ने पोर्टल पर हाजिरी लगाई। 209 शिक्षक अवकाश पर थे और 35 शिक्षकों की उपस्थिति ऑफलाइन दर्ज हुई। शेष 2463 शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस नहीं लगाई, उनका कहना है कि नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण प्रक्रिया कठिन हो रही है। कई ग्रामीण और दूरस्थ विद्यालयों में मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा पर्याप्त नहीं है।
जिले के विभिन्न विकासखंडों में ई-अटेंडेंस की स्थिति में भिन्नता है। नरवर ब्लॉक सबसे आगे है, जहां 78.66% शिक्षक पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, जबकि बदरवास ब्लॉक सबसे पीछे है, केवल 58.47% शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कर पा रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों ने इस प्रणाली को अव्यवहारिक बताया है। राज्य कर्मचारी कांग्रेस के सत्येंद्र भट्ट ने कहा कि विभाग के पास पहले से ही बीआरसीसी, बीएसी और अन्य अधिकारी मौजूद हैं, इसलिए ई-अटेंडेंस पूरी तरह अनिवार्य करना कठिन है।
समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक ब्लॉक में ब्लॉक रिसोर्स समन्वयक बनाए गए हैं, जो किसी शिक्षक को तकनीकी मदद प्रदान करेंगे। सभी शिक्षक एप पर लॉगिन करके उपस्थिति दर्ज करेंगे, साथ ही अवकाश, प्रशिक्षण और आदेश जैसी जानकारी भी उपलब्ध होगी।
जन शिक्षकों द्वारा अभी भी ई-अटेंडेंस नहीं लगाई जा रही है। जिला शिक्षा केंद्र ने उनकी मॉनिटरिंग और सूची तैयार कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है और लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
