नए साल में विकास पथ पर दौड़ेगा जींद, मेडिकल कॉलेज, ऑडिटोरियम और सिंथेटिक ट्रैक से बदलेगी तस्वीर
Jind News: जींद जिले के लिए नया साल 2026 विकास की नई इबारत लिखने वाला है। रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और यातायात के क्षेत्र में एक साथ कई बड़ी परियोजनाएं आकार ले रही हैं. जिनका सीधा लाभ आमजन को मिलेगा। दिल्ली-फिरोजपुर रेलवे लाइन पर जींद व नरवाना में अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। शहर में बन रहे चार रेलवे अंडरपास जाम की समस्या से राहत दिलाएंगे।
हैबतपुर में बन रहा मेडिकल कॉलेज गंभीर मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगा। यहां पर नियमित इलाज शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को पीजीआई रोहतक व खानपुर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (सीआरएसयू) में भव्य ऑडिटोरियम का बनेगा, जिसके निर्माण पर लगभग 88 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह सभागार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, दीक्षांत समारोह और अन्य बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। नरवाना में 9 बेज का आधुनिक बस स्टैंड बनाया जाएगा। इससे यात्रियों को यात्रा के लिए 9 जगह से बसों के संचालन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा नया पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस भी बनाया जा रहा है, जिससे यहां ठहरने वाले नेताओं को सुविधा मिलेगी। वर्ष 2026 जीद के विकास का मील का पत्थर बनने जा रहा है।
750 करोड़ से बने मेडिकल कॉलेज का होगा उद्घाटन
हैबतपुर की जमीन पर करीब 750 करोड़ की लागत से बन रहे जींद मेडिकल कॉलेज के प्रथम फेज का कार्य अंतिम चरण में है। यहां पर सितंबर 2025 माह में ओपीडी भी शुरू हो गई है। सिविल अस्पताल से ही 17 डॉक्टरों के स्टाफ को डेपुटेशन पर कार्य सौंपा गया गया है। मेडिकल कॉलेज का अभी तक औपचारिक तौर पर उद्घाटन नहीं हुआ है। उम्मीद है 2026 में जल्द ही इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा और यहां पर नियमित स्टाफ की भर्ती की जाएगी। यहां पर नियमित इलाज शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को पीजीआई रोहतक व खानपुर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं डॉक्टरों के कोर्सेज की पढ़ाई की सुविधा भी जींद में मिल सकेगी।
सीआरएसयू में बनेगा ऑडिटोरियम
सीआरएसयू में शैक्षणिक, आवासीय एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नव वर्ष 2026 में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। विवि को सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के उद्देश्य से 2500 व्यक्तियों की क्षमता वाला भव्य ऑडिटोरियम बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस ऑडिटोरियम के निर्माण पर लगभग 88 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह सभागार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, दीक्षांत समारोह और अन्य बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
एकलव्य स्टेडियम में 10 करोड़ से बन रहा सिंथेटिक ट्रैक
जींद के एकलव्य स्टेडियम में पौने 10 करोड़ रुपए की लागत से सिंथेटिक ट्रैक बिछाया जा रहा है। जिसका कार्य चला हुआ है। सिंथेटिक ट्रैक बिछने के बाद खिलाड़ियों को अन्य जिलों में अभ्यास के लिए नहीं जाना पड़ेगा। सिंथेटिक ट्रैक बिछने कार्य वर्ष 2026 में पूरा होने का लक्ष्य है।
