पीएनबी पॉलिसी के नाम पर डीडीपी को ठगा, 29 हजार 939 रुपए ऐंठे
Mandsaur News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में साइबर ठगी व ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और अपराधी नए-नए तरीकों से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ठगों ने बेरोजगारों से लेकर पॉलिसी के नाम पर जिला अभियोजन कार्यालय के उप निदेशक (डिप्टी डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन) तक को झांसे में ले लिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, खास बात यह है कि 2025 में ऐसे 212 मामले थाने पहुंचे थे, पुलिस ने 3 करोड़ 67 लाख रुपए की राशि फ्रीज कराई थी, जिसमें 4 लाख 50 हजार रुपए की राशि रिफंड हुई। अब नए साल में फिर से घटनाएं दर्ज हो रही हैं।
सिटी कोतवाली टीआई पुष्पेंद्रसिंह राठौर ने बताया कि जिला अभियोजन कार्यालय के उप निदेशक (डीडीपी) बापूसिंह ठाकुर ने मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसमें बताया कि निशा जैन नामक महिला ने उनके साथ पीएनबी की पॉलिसी के नाम पर ऑनलाइन 29 हजार 939 रुपए की धोखाधड़ी की। उन्होंने रतलाम के एजेंट सनद शाह से डेढ़ लाख रुपए वार्षिक प्रीमियम वाली पॉलिसी ली थी। जून-जुलाई 2025 में उनके मोबाइल पर निशा नामक महिला ने कॉल कर कहा कि मेरी पूर्व की पीएनबी की पॉलिसी का बोनस मेरे खाते में ना आते हुए एजेंट के खाते में जा रहा है। इसे रोकने की प्रक्रिया में निशा ने मुझे डिजिट आइकॉन कंपनी का लाइफ इश्योरेंस प्लान ऑनलाइन दिया। उसने कहा कि पूर्व की पीएनबी पॉलिसी में जमा फंड का बोनस करीब 2 लाख 70 हजार रुपए व इस पॉलिसी के 29 हजार 939 रुपए 4 से 8 दिन में आपके बैंक खाते में आ जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसके बाद से निशा ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। उसने मेरे साथ 29,939 रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की। ठाकुर ने पुलिस को महिला से चैट के स्क्रीन शॉट, पीएनबी की पॉलिसी रसीद, डिजिट आइकॉन पॉलिसी के दस्तावेज व फोन पे से किए गए पेमेंट की रसीद भी बताई। पुलिस ने निशा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। मामले मे एएसपी टीएस बघेल का कहना है जिले में ऐसे मामलों के आरोपियों पर सख्त एक्शन ले रहे हैं।
घर बैठे काम के झांसे में युवक ने 1 लाख 83 हजार गंवाए, केस दर्ज
शामगढ़ पुलिस के मुताबिक पंजाबी कॉलोनी निवासी युवक सान्निध्य पिता जगदीश मुजावदिया ने वर्क फ्रॉम होम और मोटे मुनाफे के लालच में 1 लाख 83 हजार 938 रुपए गंवा दिए। वाट्सएप पर 10 दिसंबर 2025 को अज्ञात नंबर से आए मैसेज में सामने वाले ने खुद को चैम्पियन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर सान्निध्य को जाल में फंसाया और फ्री ट्रायल के नाम पर उसके खाते में 738 रुपए का प्रॉफिट जमा किया। इसके बाद आरोपी ने उसे अपने फोन-पे के माध्यम से पैसे निवेश करने को कहा और दावा किया कि यह राशि उसके डिजिटल वॉलेट में जमा होती रहेगी। इसके बाद आरोपी लगातार कम राशि निवेश होने का कहकर मांग बढ़ाते गए। 4-5 बार ट्रांजेक्शन के बाद कहा कि सारी राशि रिफंड पाने के लिए 3 लाख 64 हजार 48 रुपए और जमा करने होंगे। नहीं देने पर कुछ भी रिफंड नहीं होगा। सान्निध्य ने शामगढ़ थाने में अज्ञात आरोपी के मोबाइल नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।
