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Ratlam News: रतलाम में बढ़ रहा बिजली सप्लाई लाइन लॉस; पिछले वर्ष से 20 फीसदी बढ़ी चोरी, 5.24 करोड़ रुपए वसूला जुर्माना 

रतलाम में बिजली निगम कीटीमों ने सीजन में बिजली चोरों पर कड़ा एक्शन लेते हुए पिछले साल की अपेक्षा 20 फीसदी ज्यादा चोरी पकड़ी है। वहीं जुर्माना 50 फीसदी अधिक वसूला गया है। निगम ने इस सीजन में 6 माह में 5 करोड़ 24 लाख रुपए का जुर्माना वसूला है। जो पिछले साल के मुकाबले करीब ढाई करोड़ रुपए अधिक है। पिछले साल 10 माह में चोरी का जुर्माना 2 करोड़ 40 लाख रुपए का था। बिजली चोरी के अधिकतर मामलों में खंभों से डायरेक्ट तार लगाकर व बाहर से आ रही मीटर के तार में कट लगाकर चोरी पकड़ी गई है।
 
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Ratlam News: रतलाम में बिजली निगम कीटीमों ने सीजन में बिजली चोरों पर कड़ा एक्शन लेते हुए पिछले साल की अपेक्षा 20 फीसदी ज्यादा चोरी पकड़ी है। वहीं जुर्माना 50 फीसदी अधिक वसूला गया है। निगम ने इस सीजन में 6 माह में 5 करोड़ 24 लाख रुपए का जुर्माना वसूला है। जो पिछले साल के मुकाबले करीब ढाई करोड़ रुपए अधिक है। पिछले साल 10 माह में चोरी का जुर्माना 2 करोड़ 40 लाख रुपए का था। बिजली चोरी के अधिकतर मामलों में खंभों से डायरेक्ट तार लगाकर व बाहर से आ रही मीटर के तार में कट लगाकर चोरी पकड़ी गई है। बिजली निगम ने इस बार 20 टीमों का गठन किया था। इन टीमों को अधिकतर तौर पर मेन लाइन से मीटर में आ रहे तार पर कट लगा चोरी पकड़ी गई। अधिकारियों के अनुसार बिजली के तारों में जोड़ खत्म होने के चलते अब लोग चोरी करने के लिए मीटर के मेन तार पर ही कट लगाकर चोरी करते हैं।

बिजली निगम ने अप्रैल से दिसंबर तक की गई 5230 कनेक्शनों की जांच में 2621 मामलों में चोरी पकड़ी है। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बढ़ती चोरी की घटनाओं के चलते इस साल लाइन लॉस भी 20 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया। जबकि पिछले साल यह 10 प्रतिशत रहा था। पिछले साल 4987 कनेक्शनों की जांच के बाद 2367 में चोरी के मामले सामने आए थे। बता दें कि बिजली के उत्पादन केंद्र से लेकर उपभोक्ता (घर, दुकान, फैक्ट्री आदि) तक पहुंचने के दौरान जो बिजली रास्ते में चोरी हो जाती है उसे लाइन लॉस कहा जाता है। बिजली निगम की तरफ से अब शहरी क्षेत्र में बिजली बिल समय पर नहीं भरने वालों पर भी नकेल कस दी गई है। जैसे ही बिजली का बिल 10 हजार रुपए से अधिक होता है तो उसका कनेक्शन काटने की तैयारी शुरु कर दी जाती है। बिल भरने पर कार्रवाई रोक दी जाती है। कनेक्शन काटने से पहले निगम के कर्मचारी उपभोक्ता को दो बार बिल भरने के लिए नोटिस देते हैं।