गुनिया नदी का पुनर्जीवन: पांच स्टॉप डेम और 7 करोड़ की योजना से सुरक्षा सुनिश्चित
Guna News: गुनिया नदी को स्थायी रूप से सुरक्षित और साफ रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक योजना शुरू की है। नदी के पुनर्जीवन अभियान में पांच मुख्य पॉइंट तय किए गए हैं, जहां अलग-अलग दलों ने सर्वेक्षण, सफाई और गहरीकरण का काम किया। चंद दिनों की मेहनत के बाद नदी अब बाधा रहित बहाव के साथ दिखाई देने लगी है, लेकिन आने वाले वर्षों में स्थिति बिगड़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नदी के स्थायी संरक्षण के लिए पांच स्टॉप डेम बनाने होंगे। प्रत्येक डेम के अनुसार नदी की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इससे नदी में वर्षभर पानी भरा रहेगा और ओवरफ्लो होने पर भी पानी किसी रिहायशी इलाके में नहीं पहुंचेगा। कुल योजना को लागू करने में लगभग 7 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रशासन इस योजना को नमामि गंगे और अमृत फेज-2 के तहत स्वीकृत कर सकता है।
नदी के सौंदर्यकरण के लिए सैटेलाइट मैपिंग भी की गई है। वन विभाग के सहयोग से नदी के हाई फ्लड लेवल पर 100 मीटर के अंतराल में पोल लगाए जाएंगे। पोलों के 30 मीटर के दायरे में कोई निर्माण प्रतिबंधित होगा। इस क्षेत्र में केवल प्लाटिशन की अनुमति होगी। इसके अलावा नदी के किनारे व्यू पॉइंट भी बनाए जाएंगे।
शहर के नालों से आने वाले पानी को दूषित न होने देने के लिए दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए हैं। शहर के सकतपुर बायपास और नवलोक के पास स्थित ये प्लांट पानी को शुद्ध करके नदी में छोड़ेंगे। वर्षा के दौरान प्लांट काम नहीं करता, इसलिए ओवरफ्लो की समस्या नहीं होगी।
नदी की लंबाई शहरी क्षेत्र में लगभग 6 किमी है। नदी की शुरुआत में चौड़ाई 25 मीटर होगी और प्रत्येक स्टॉप डेम के साथ यह 30, 40, 50 मीटर बढ़कर अंत में 75 मीटर तक होगी। नदी के बाहर शहरी क्षेत्र में चौड़ाई आसानी से मिल सकेगी। इसके अलावा चार फुटओवर ब्रिज, कच्ची सड़कें और सौंदर्यीकरण स्थल बनाए जाने की योजना है।
इस योजना से गुनिया नदी को स्थायी रूप से संरक्षित किया जा सकेगा, बाढ़ से राहत मिलेगी और नदी के किनारे लोगों के लिए सुरक्षित और सुगम रास्ते तैयार होंगे।
