Haryanaline_Logo

शिवपुरी की सीवर लाइन में मलबे के चलते सड़कें और ओवरफ्लो चेंबर हुए खतरे में

 
Shivpuri news, MP news,
Whatsapp-Group

Shivpuri News: शिवपुरी में झील संरक्षण परियोजना के तहत शुरू किए गए सीवर प्रोजेक्ट का काम अधूरा रहने के कारण शहर की सड़कों पर हालात चिंताजनक हो गए हैं। शहर से घसारही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक बिछाई गई 70 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में मलबा भरा हुआ है। इससे कई ओवरफ्लो चेंबर सड़क पर उभर आए हैं और सड़कें धीरे-धीरे टूट रही हैं। कमजोर ढक्कनों के कारण हादसों का खतरा भी बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार इस परियोजना के लिए वर्ष 2013 में 67 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे, लेकिन लगातार देरी और बजट बढ़ोतरी के चलते अब तक 111 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन सफाई और इंटरसेक्शन का काम अधूरा है। अब तक केवल 25 किलोमीटर की सफाई हुई है, जबकि बाकी 70 किलोमीटर मलबे से भरी हुई है।

सड़कों पर ओवरफ्लो चेंबरों से बहता गंदा पानी सड़क और आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैला रहा है। उदाहरण के तौर पर गुना बायपास चौराहा, धीमरोड कमलागंज और रेलवे स्टेशन रोड पर सड़कें गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। यहां टूटे हुए चेंबरों और ओवरफ्लो से वाहन और बाइक चलाना खतरे से खाली नहीं है।

शहर में हुए हादसों और मलबे के बढ़ते स्तर के बावजूद परियोजना अभी तक पूरी नहीं हुई है। नगरीय प्रशासन विभाग ने कोर्ट में 9.28 करोड़ रुपए जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है। परियोजना के तहत सीवर लाइन की सफाई और इंटरसेक्शन का काम बजट जारी होते ही दिसंबर 2025 तक पूरा करने की योजना है।

वन एवं पर्यावरण विभाग ने भी सख्या सागर सहित राज्य की पांच रामसर साइटों पर जैव विविधता सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण की तैयारी की है। इससे जलकुंभी और अन्य जलजीवों के संरक्षण में मदद मिलेगी।