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Ratlam News: रतलाम के जावरा में भावांतर के चलते सोयाबीन की आवक बढ़ी, 6000 बोरी से अधिक आई

भावांतर योजना के तहत अब तक कितना माल कितने किसानों ने बेचा है यह आंकड़ा मंडी प्रशासन को ही अपडेट करके जिले में देना है। गुरुवार को मंडी प्रशासन अब तक हुई खरीदी का आंकड़ा उपलब्ध नहीं करवा पाया। इधर कृषि विभाग के अधिकारी भी भावांतर योजना में अब तक हुई खरीदी की जानकारी स्पष्ट नहीं कर पाए। हालांकि बताया जा रहा है कि लगभग 50 फ़ीसदी किसान भावांतर के तहत सोयाबीन बेच रहे हैं।
 
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Ratlam News: भावांतर योजना के चलते अरनियापीथा कृषि मंडी में सोयाबीन की आवक बढ़ गई है। गुरुवार को ही 6000 बोरी से अधिक सोयाबीन आई। रात में ही प्रांगण में 150 ट्रॉलियां आ गईं और प्लेटफॉर्म भी भर गया। इसलिए सुबह मंडी प्रशासन ने नए वाहनों को मुख्य गेट के बाहर ही रोक दिया। इससे रोजाना रोड वाले गेट के बाहर ट्रैफिक जाम हो गया। सोयाबीन लेकर आए किसान और अन्य वाहन चालक भी परेशान हुए।

वैसे तो मंडी प्रांगण में पर्याप्त जगह है। सिर्फ सोयाबीन अड्डे में थोड़ी जगह कम पड़ रही लेकिन मंडी प्रशासन चाहे तो रोजाना रोड वाले गेट से वाहनों को अंदर लेकर साइड में खड़ा कर सकते हैं। प्रवेश पर्ची भी अंदर से देकर टोकन सिस्टम से सोयाबीन जोन में भेज सकते हैं। या फिर मुख्य गेट पर ही प्रवेश पर्ची दें तो फिर गार्ड या चौकीदार को लगाकर वाहनों को रोड किनारे पंक्तिबद्ध खड़ा करके व्यवस्था सुधारी जा सकती है। इस ओर ध्यान नहीं देने के कारण ही अव्यवस्था हो रही है।

मंडी प्रशासन आंकड़ा भी नहीं दे पाया

भावांतर योजना के तहत अब तक कितना माल कितने किसानों ने बेचा है यह आंकड़ा मंडी प्रशासन को ही अपडेट करके जिले में देना है। गुरुवार को मंडी प्रशासन अब तक हुई खरीदी का आंकड़ा उपलब्ध नहीं करवा पाया। इधर कृषि विभाग के अधिकारी भी भावांतर योजना में अब तक हुई खरीदी की जानकारी स्पष्ट नहीं कर पाए। हालांकि बताया जा रहा है कि लगभग 50 फ़ीसदी किसान भावांतर के तहत सोयाबीन बेच रहे हैं।

बायपास के लिए फिलहाल प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं हुआ

सोयाबीन आवक बढ़ने के कारण कुछ वाहनों को गेट के बाहर रोकना पड़ा इसलिए थोड़ी देर ट्रैफिक जाम हुआ। वाहनों को अंदर लेने पर किसान मानते नहीं और सीधे सोयाबीन जोन में चले जाते हैं। इसलिए गेट के बाहर रोककर प्रवेश पर्ची के साथ ही अंदर ले रहे हैं। बाहर जाम नहीं लगे और वाहनों को पंक्तिबद्ध खड़ा करने के लिए गार्ड या चौकीदार की व्यवस्था करेंगे। मंडी बायपास के लिए फिलहाल प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं हुआ है। स्वीकृति के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। रिमाइंडर भेजा है। -आर. वसुनिया, सचिव कृषि उपज मंडी जावरा