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12 लाख तक टैक्स फ्री, लेकिन रिटर्न कब जरूरी?

 
Guna News

Guna News: आयकर रिटर्न भरना कब अनिवार्य होता है, यह सवाल अक्सर करदाताओं के मन में आता है। खासकर तब, जब लोगों को यह सुनने को मिलता है कि 12 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री है। ऐसे में कई लोग यह मान लेते हैं कि अगर उनकी आमदनी 12 लाख से कम है तो उन्हें रिटर्न दाखिल करने की जरूरत नहीं है।

लेकिन वास्तविक नियम इसके विपरीत हैं। आयकर अधिनियम के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की आय निर्धारित सीमा से अधिक है तो रिटर्न भरना अनिवार्य है। वर्तमान में पुराने टैक्स रिजीम के तहत 2.5 लाख और नए टैक्स रिजीम में 3 लाख तक की आय छूट के दायरे में आती है। यानी यदि किसी की आय इन सीमाओं से ऊपर है, तो उसे आयकर विवरणी भरना ही होगी, चाहे उस पर टैक्स बनता हो या न बनता हो।

कई बार यह भ्रम भी रहता है कि यदि छूटों का लाभ लेने के बाद आय बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से नीचे आ जाती है, तब भी क्या रिटर्न जरूरी है? अधिनियम के प्रावधान स्पष्ट कहते हैं कि भले ही छूटों के बाद आय कम हो जाए, तब भी कुछ परिस्थितियों में रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

किन परिस्थितियों में रिटर्न भरना जरूरी है

यदि किसी व्यक्ति ने जमीन, मकान या अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री की है और इसमें लाभ या हानि हुई है।

यदि बिजनेस या पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) में नुकसान हुआ है, तो भी रिटर्न दाखिल करना चाहिए।

यदि किसी बैंक, संस्था या विभाग ने टीडीएस काटा है, तब भी रिटर्न भरना अनिवार्य हो जाता है।

जो लोग जीएसटी रिटर्न दाखिल करते हैं, उन्हें भी आयकर रिटर्न भरने की सलाह दी जाती है।

क्यों जरूरी है रिटर्न दाखिल करना

भले ही किसी पर टैक्स देनदारी न बन रही हो, लेकिन रिटर्न फाइल करना कई कारणों से महत्वपूर्ण है। पहला, यह आपके वित्तीय रिकॉर्ड को मजबूत करता है और भविष्य में लोन लेने, वीजा आवेदन या अन्य औपचारिकताओं में सहायक होता है। दूसरा, यदि आप रिटर्न दाखिल नहीं करते तो पेनाल्टी या नोटिस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2025-26 (वित्तीय वर्ष 2024-25) के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है। ऐसे में जिनकी आय 2.5 लाख (पुराने रिजीम) या 3 लाख (नए रिजीम) से अधिक है, उन्हें समय रहते रिटर्न अवश्य भरना चाहिए।