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जिले में उड़द की फसल तैयार, दाम पिछले साल से कम लेकिन उम्मीद बनी हुई

 
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Bina News: विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र और मालथौन तहसील में उड़द की फसल अच्छी बनी है। अगले सप्ताह से नई फसल मंडियों में आना शुरू हो जाएगी। फिलहाल पिछले साल की तुलना में दाम लगभग 2000 रुपए प्रति क्विंटल कम हैं।

सोमवार को मौसम में धूप निकलने से मंडी में अनाज की आवक बढ़ गई। किसान लगभग 2300 बोरा अनाज लेकर आए। पठारी और मालथौन के क्षेत्र में उड़द का कुल रकबा लगभग 2300 हेक्टेयर है। पिछले दिनों अधिक बारिश से कई जगह फसल को नुकसान हुआ, लेकिन इस क्षेत्र में बारिश कम रही और मिट्टी हल्की होने के कारण फसल ठीक रही।

किसान करन सिंह ने बताया कि इस बार उत्पादन 2 से 3 बोरा प्रति एकड़ होने की संभावना है। हालांकि, नई उड़द के आने पर दाने में नमी के कारण व्यापारी कीमत कम कर सकते हैं। पिछले साल इसी समय उड़द के दाम 6400 से 7500 रुपए प्रति क्विंटल तक थे। इस साल फिलहाल मंडी में उड़द के दाम 4550 रुपए प्रति क्विंटल हैं।

गेहूं के दाम में भी हल्का उछाल देखा गया। न्यूनतम दाम 2500 रुपए से बढ़कर 2525 रुपए प्रति क्विंटल हो गए, जबकि अधिकतम दाम 2926 रुपए से बढ़कर 3115 रुपए तक पहुंच गए। चने के दाम में गिरावट आई है। न्यूनतम दाम 5350 रुपए से घटकर 5310 रुपए, और अधिकतम दाम 5963 रुपए से घटकर 5935 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।

मसूर के दाम में उतार-चढ़ाव रहा। न्यूनतम दाम 6100 रुपए से बढ़कर 6240 रुपए हो गया, जबकि अधिकतम दाम 7600 रुपए से घटकर 7500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। स्थानीय मंडियों में चना और मसूर के दाम स्थिर नहीं हैं, इसलिए आंशिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

व्यापारी संघ के अध्यक्ष का कहना है कि किसी भी अनाज के दाम उसकी मांग और क्वालिटी पर निर्भर करते हैं। उड़द के दाम भी क्वालिटी के आधार पर तय किए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह 5800 रुपए तक उड़द बिकी। नई फसल आने पर दाने के आकार, नमी और मांग के आधार पर दाम तय होंगे।

पीली सरसों के दाम इस समय 7970 रुपए से बढ़कर 8280 रुपए प्रति क्विंटल रहे। सोयाबीन 4000 से 4451 रुपए, मटर 2926 से 10500 रुपए, मूंग 5510 से 6605 रुपए, बटरी 4310 रुपए, और तेवड़ा 3130 से 3200 रुपए प्रति क्विंटल बिके। गेहूं, चना, मसूर और उड़द के दाम में मंडियों में हल्का उतार-चढ़ाव जारी है।

किसानों का कहना है कि अगर दाम संतोषजनक नहीं मिले तो रबी सीजन के लिए अतिरिक्त खाद और बीज का इंतजाम करना पड़ेगा। इस समय गुणवत्ता और बाजार की मांग को देखते हुए ही सही दाम मिलने की संभावना है।