बचपन में उठा मां का साया,किताब खरीदने के नहीं थे पैसे, तैयारी के दौरान सूनी ताने , मुश्किलों से लड़कर RAS Officer बनी सपना
RAS Officer Sapna Maurya: कहते हैं अगर इंसान दिल से कुछ करने की ठान ले तो वह मुश्किलों से लड़कर इतिहास रच देता है। आज हम आपको राजस्थान के ब्यावर जिले की रहने वाली सपना मौर्या की कहानी बताने वाले हैं जिसे मुश्किलों से लड़ कर इतिहास रच दिया। सपना मौर्या जब 10 साल की थी तभी उनकी मां ने दुनिया को अलविदा कह दिया और पिता को शराब की लत लग गई थी।
पढ़ने लिखने की उम्र में सपना सोचती थी कि जिंदगी का क्या होगा। उस समय उनकी नानी ने उनका हाथ थामा और उनकी परवरिश की । सपना में बहुत गरीबी देखी लेकिन उनकी नानी ने कभी उन्हें हिम्मत नहीं हारने दिया और वह आगे बढ़ती गई।
राजस्थान के ब्यावर जिले की रहने वाली है सपना मौर्या
सपना मौर्या राजस्थान के ब्यावर जिले की रहने वाली है और उन्होंने बचपन से ही काफी संघर्ष किया है। स्कूल में पहनने के लिए उनके पास यूनिफॉर्म नहीं होते थे और अक्सर लोग दान के पैसे उन्हें देते थे जिससे वह स्कूल के फीस भरती थी। 12वीं तक जैसे तैसे उन्होंने पढ़ाई किया। 12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग करना चाहा। लेकिन पैसों की कमी के कारण उनके लिए सिर्फ पढ़ाई मुश्किल हो गई और उन्होंने पढ़ाई के साथ नौकरी करना शुरू किया ।
नौकरी के साथ तैयारी
सपना ने ₹7000 महीने पर नौकरी करना शुरू किया और साथ में सरकारी नौकरी की तैयारी भी करती थी। RAS की तैयारी के दौरान उन्हें काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा। वह प्राइवेट नौकरी छोड़ नहीं सकती थी क्योंकि इससे उनके घर का खर्च चलता था।
तैयारी के दौरान उनकी नानी का देहांत हो गया और वह बिल्कुल टूट गई और डिप्रेशन में चली गई। तब उनके मामा और मासी ने उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि तुम या तो रोल हो या फिर अपनी नानी को असली श्रद्धांजलि नौकरी लग कर दो।
इसके बाद सपना नहीं नौकरी छोड़ दी और फुल टाइम तैयारी करना शुरू कर दिया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि उन्हें नौकरी पाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने 3 जुलाई को नौकरी छोड़ दी और इसके बाद स्कूल टाइम तैयारी करना शुरू कर दिया इसके बाद उनकी नौकरी एक नहीं बल्कि 7 विभागों में एक साथ लग गई। मुश्किलों से लड़कर उन्होंने राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन जैसे कठिन परीक्षा को पास कर दिखाया।
