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कभी खाने के नहीं थे पैसे, माँ ने लोगों के घरों में किया सफाई का काम, बेटा IPS बन बढ़ाया परिवार का मान

 
Success Story
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UPSC success story: कई ऐसे लोग हैं जो मुश्किलों से लड़के अपने कामयाबी की कहानी लिखते हैं। कई बार ऐसा होता है लोग मुश्किलों के आगे टूट जाते हैं और अपने सपने को बीच में ही छोड़ देते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो तब तक अपने सपने को साकार करने की जिद नहीं छोड़ते जब तक वह अपने सपने को साकार नहीं कर लेते। आज हम आपको सबसे यंगेस्ट आईपीएस अफसर की कहानी बताएंगे। जी हां हम बात कर रहे हैं गुजरात कैडर के सबसे कम उम्र के आईपीएस सफिन हसन की।

 

 अभी कुछ समय पहले भावनगर के एक प्रोग्राम के दौरान उनका वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह भगवान श्री कृष्णा और भागवत गीता को लेकर भाषण दे रहे थे। और अभी उनका एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह भगवान गणपति के भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं। सफीना मुस्लिम होने के बाद भी हर धर्म का काफी सम्मान करते हैं।

 

 बचपन में देखे थे आईपीएस बनने का सपना

 सफिन हसन बचपन में ही आईपीएस अफसर बनने का सपना देखे थे। एक दिन प्राइमरी स्कूल में कलेक्टर निरीक्षण के लिए पहुंचे और इस दौरान उन्होंने कलेक्टर का रुतबा और जलवा देखा। घर जाकर जब उन्होंने अपने घर वालों से पूछा कि स्कूल में जो व्यक्ति आया था वह कौन था तो उन्हें बताया गया कि जिले का राजा। उन्होंने पूछा कि जिले का राजा कैसे बनते हैं तब उन्हें बताया गया कि इसके लिए यूपीएससी परीक्षा पास करनी होती है तब से ही उन्होंने ठान लिया कि वह यूपीएससी की परीक्षा पास करेंगे। साल 2018 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर दिखाई और फिलहाल वह गुजरात में अस्सिटेंट सुपरीटेंडेंट आफ पुलिस है।

 मां ने घर-घर में किया था काम

 बता दे की सफीन के पिता इलेक्ट्रीशियन थे और उनकी मां डायमंड कारखाने में काम करती थी और इसके बाद भी वह लोगों के घरों में काम करती थी और लोगों के घरों में रोटियां बनती थी। उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी जिसकी वजह से सपने पूरे करने आसान नहीं थे। उन्होंने अपनी दसवीं की पढ़ाई गांव से ही गुजराती मीडियम में किया और दसवीं में 92 परसेंट अंक आए इसके बाद एक पालनपुर के प्राइवेट स्कूल में उन्हें एडमिशन मिल गया।

 नहीं आता था इंग्लिश बोलने 

 स्कूल पूरा करने के बाद साफिन ने सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया और एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि स्कूल से जब मैं कॉलेज आया तब मेरा संघर्ष शुरू हुआ था। मुझे इंग्लिश बोलने नहीं आता था जिसकी वजह से मेरा मजाक उड़ाया जाता था फिर भी मैं इंग्लिश बोलना जारी रखा और मैं यूपीएससी के इंटरव्यू इंग्लिश में दिया और अच्छा स्कोर किया। सफिन हसन की कहानी हमें बताती है कि कितना भी मुश्किल समय क्यों ना हो अगर हम ठान लें तो अपने सपने को सकार जरूर करेंगे।