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Success Story: 40 परीक्षाओं में हुए फेल फिर भी नहीं मानी हार, 12 साल की कड़ी मेहनत के बाद किसान का बेटा बना अफसर

 
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Success Story: आपने अक्सर बड़े बुजुर्गों को कहते हुए सुना होगा " सफलता उनके ही कदम चूमती है जो मुश्किलों के आगे हार नहीं मानते हैं और मुश्किलों से लड़कर सफल होने तक लड़ाई लड़ते हैं"। आज हम आपको एक किसान के बेटे की कहानी बताएंगे जिसने मुश्किलों से लड़ते हुए कठिन परिश्रम के बाद अफसर बनने का सपना साकार किया।
हम आपको मनोज पाल की कहानी बताएंगे जो 40 सरकारी परीक्षाओं में फेल हुए इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। 12 साल की कठिन परिश्रम के बाद मनोज पाल को सफलता मिली।
 गांव से शुरू हुआ था सफलता का सफर
एक इंटरव्यू में मनोज पाल ने बताया कि उनका सफर एक छोटे से गांव से शुरू हुआ था और उन्होंने अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूल से की थी। 12वीं में मात्र 50% अंक हासिल किए थे और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। उन्होंने फैसला किया कि वह कोई भी सरकारी नौकरी करके परिवार की जिम्मेदारी उठाएंगे।
 40 परीक्षाओं में हुए फेल 
उन्होंने कई परीक्षाओं की तैयारी की और फॉरेस्ट गार्ड और ग्रुप डी जैसे फॉर्म भी भारी लेकिन किसी में उन्हें सफलता नहीं मिली। एमपीएससी परीक्षा में 6 बार उन्हें फेल होना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने दोस्तों को आगे बढ़ते देख उन्होंने दृढ़ संकल्प किया कि वह अपने लक्ष्य को छोड़ेंगे नहीं।
 ट्यूशन पढ़ाकर उठाया खर्च
 आर्थिक चुनौतियों और लगातार मिल रही फेल्योर के दौरान उन्होंने कभी हार नहीं मानी और इस दौरान उन्होंने ट्यूशन पढ़ना शुरू किया और कंटेंट राइटिंग का काम भी किया। संघर्ष के दौर में उन्होंने यह सीखा कि दूसरों की मदद और सिख भी सफलता की कुंजी होती है।
 12 साल लगातार तैयारी करने के बाद एक दिन उनके सफलता का दिन भी आया और सातवें प्रयास में एमपीसी परीक्षा 2024 में उन्हें 15वां रैंक मिला।वह इस टाइम असिस्टेंट डायरेक्टर फाइनेंस के पोस्ट पर काम कर रहे हैं। मनोज पाल के पिता एक किसान है।