बस कंडक्टर की बेटी का बड़ा कमाल, मां के अपमान से लिया सबक और बिना कोचिंग बन गई IPS
Success Story of IPS Shalini Agnihotri : यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है और हर साल बड़े पैमाने पर छात्र इस कठिन परीक्षा को देते हैं। इस परीक्षा को पास करना बेहद कठिन होता है फिर भी कई ऐसे बच्चे हैं जो अपनी कठिन परिश्रम के बदलते परीक्षा को बिना कोचिंग पास कर दिखाते हैं।
आज हम आपको एक ऐसी लड़की की कहानी बताएंगे जिसने अपनी मां की बेज्जती से सबक लेकर बिना कोचिंग इस क्वेश्चन परीक्षा को पास कर दिखाया। हम बात कर रहे हैं देश की जानी-मानी आईपीएस अधिकारी शालिनी अग्निहोत्री की।
शालिनी अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की रहने वाली है और उनके पिता एक बस कंडक्टर है। एक बार शालिनी अग्निहोत्री की मां का अपमान हुआ जिसके बाद उन्होंने देश के कठिन परीक्षा यानी कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने की ठान ली। शालिनी बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थी उन्होंने दसवीं की परीक्षा में 99% और 12वीं की परीक्षा में 77% अंक हासिल किया था।
बस कंडक्टर की बेटी बनी IPS
ग्रेजुएशन की पढ़ाई शालिनी ने एग्रीकल्चर से किया उसके बाद उन्होंने एग्रीकल्चर से मास्टर्स भी किया और फिर यूपीएससी की परीक्षा पास करने की ठान ली। एक बार साली नहीं अपने मां के साथ बस से सफर कर रही थी तभी उनकी मां की किसी ने खूब बेज्जती की और इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास करने की ठान ली।
बिना कोचिंग की UPSC की तैयारी
शालिनी ने बिना कोचिंग तैयारी किया और 2011 में उन्होंने अपने सपने को साकार कर लिया। पुणे आईपीएस का पोस्ट मिला और उन्होंने साबित कर दिया की मेहनत करने वालों के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है।
