UPSC success story: ड्राइवर की बेटी बनी IAS, खुशी से रो पड़े पिता, 3 महीने पहले हो चुकी है मां की मृत्यु
UPSC success story: यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा को हर साल लाखों की संख्या में अभ्यर्थी रहते हैं लेकिन सफलता कुछ लोगों को ही मिल पाती है।
जब साल 2025 का यूपीएससी का रिजल्ट जारी हुआ तो कई परिवारों में खुशियां देखने को मिली। गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका चौधरी ने भी इस परीक्षा में सफलता हासिल किया है।
3 महीने पहले हो चुकी है मां और भाई की मृत्यु
प्रियंका ने 1 साल के भीतर अपने इकलौते भाई और 3 महीने पहले अपनी मां को खो दिया है। मुश्किलों के आगे भी प्रियंका ने हार नहीं माना और इस बार उन्होंने यूपीएससी जैसी परीक्षा को पास कर दिखाया।
देशभर में उन्हें 79 व रैंक मिला है। उनके सफलता से पूरे जिले में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है।
पिता है ड्राइवर
प्रियंका के पिता नीररम तहसील जखनिया में एसडीएम के ड्राइवर के रूप में काम कर रहे हैं। वर्तमान में तहसीलदार के रिकॉर्ड रूम में नजारत के पद पर काम कर रहे हैं। बेटी की उपलब्धि पर उनकी आंखों में आंसू आ गया।
प्रियंका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जखनिया के श्री महावीर सूर्योदय उत्तर माध्यमिक विद्यालय से किया है। इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई शहीद इंटर कॉलेज से पूरी की और आगे पढ़ने के लिए वह बीएचयू में एडमिशन ले ली।
संघर्ष से सफलता का सफर
प्रियंका की सफलता की कहानी संघर्ष से भरी रही है। 1 साल में उनके परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया लेकिन प्रियंका ने हार नहीं माना। उनकी मां शांति देवी का अचानक 3 महीने पहले निधन हो गया वहीं उनके इकलौते भाई गोल्डी का भी बीमारी के कारण एक साल पहले निधन हो गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उनके इस सफर में उनकी बड़ी बहन प्रीति ने उनके साथ निभाया।
