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Jind News: पीएम के कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र भेजी 130 बसें, यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर किया सफर

पीएम नरेंद्र मोदी के कुरुक्षेत्र कार्यक्रम के लिए रोडवेज डिपो से 130 सरकारी व निजी बसें भेजे जाने का सीधा असर मंगलवार को जींद जिले की आम यात्रियों पर पड़ा। लोकल रूटों पर सुबह से शाम तक बसों का संचालन लगभग बंद रहा। हालात यह रहे कि यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद भी बस स्टैंड पर बसें नहीं मिलीं। वहीं मजबूरी में कई यात्रियों ने निजी बसों की छतों पर बैठकर जान जोखिम में डालकर सफर किया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
 
HARYANA NEWS

Jind News: पीएम नरेंद्र मोदी के कुरुक्षेत्र कार्यक्रम के लिए रोडवेज डिपो से 130 सरकारी व निजी बसें भेजे जाने का सीधा असर मंगलवार को जींद जिले की आम यात्रियों पर पड़ा। लोकल रूटों पर सुबह से शाम तक बसों का संचालन लगभग बंद रहा। हालात यह रहे कि यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद भी बस स्टैंड पर बसें नहीं मिलीं। वहीं मजबूरी में कई यात्रियों ने निजी बसों की छतों पर बैठकर जान जोखिम में डालकर सफर किया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। पीएम कार्यक्रम में बसों के एक साथ रवाना होने से जिले में रोडवेज की अधिकांश सेवाएं रुक गई। नरवाना, हांसी, भिवानी, रोहतक, गोहाना, असंध और कैथल जैसे प्रमुख रूटों पर बसों की भारी किल्लत देखने को मिली। बस अड्डे पर दिनभर लोग बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। कई रूटों पर तो 1-2 घंटे तक कोई बस नहीं पहुंची। भिवानी व कैथल रूटों पर डेढ़-दो घंटे बाद यात्रियों को प्राइवेट बसें मिली। वहीं रोडवेज बसें लगभग गायब रहीं।

मंगलवार को बसों की भारी कमी के बीच यात्रियों की की मजबूरी साफ दिखी। निजी बसों की छत पर चढ़ने के लिए युवाओं ने सीढ़ी लगाई और एक-एक कर लोग ऊपर चढ़ते दिखे। बसों के भीतर भी भारी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं खड़े होकर सफर करने को मजबूर रहीं। कई बसें ओवरलोड होकर ही रूट पर दौड़ती दिखीं। खिड़की में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की रही।

महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानी

बस न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों ने झेली। कई महिलाएं बच्चों के साथ बस अड्डे पर खड़ी रहीं। भीड़ के कारण उनकी समस्या और बढ़ गई। कैथल जाने के लिए इंतजार कर रहीं यात्री शांति देवी ने बताया वह सुबह 11 बजे बस अड्डे पर आई थी। साढ़े 12 बजे तक भी कैथल की कोई बस नहीं मिली। रोजाना 15 से 20 मिनट में में बस मिल जाती है, लेकिन आज डेढ़ घंटे इंतजार में ही निकल गया।

एक घंटे से नहीं मिली कैथल के लिए बस

यात्री रामेश्वर ने कहा कि उसे भिवानी जाना है। उसके साथ उसके बच्चे और बैग हैं। एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। न सस्कारी बस आ रही है, न ही निजी। मजबूरी में खड़े रहकर इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई फायदा नहीं दिख रहा। कर्मचारी बोल रहे है कि चंडीगढ़ वाली बस आएगी, लेकिन अब तो आई नहीं। अब वह इंतजार ही कर रहा है।

बसें भेजने से पहले प्रशासन करे वैकल्पिक व्यवस्था

यात्री सुभाष, धर्मबीर, रेनू, काजल, तेजपाल सिंह, जतनपाल का कहना था कि किसी बड़े कार्यक्रम के लिए बसें भेजी जाती हैं, लेकिन आम जनता की आवाजाही पूरी तरह ठप कर देना गलत है। प्रशासन को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।

इन रूटों पर यात्रियों को हुई परेशानी

दिनभर जिन रूटों पर यात्री सबसे ज्यादा परेशान रहे, उनमें नरवाना, हांसी, भिवानी, रोहतक, कैथल और गोहाना प्रमुख रहे। विद्यार्थी मनदीप, रोहन, नरेश, शिवानी, पूजा, अंजू व पूनम ने बताया कि परीक्षा देने और कोचिंग पहुंचने में उन्हें काफी दिक्कत हुई। कैथल रुट पर तो प्राईवेट बस भी नहीं मिली। वह कई छात्राएं किठाना से जींद कोचिंग के लिए आती हैं।

यात्रियों के लिए वैकल्पिक तौर पर निजी बसों का संचालन किया गया था। यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। जैसे ही बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ती दिखी, तभी निजी बसों का संचालन करवाया गया। बुधवार सुबह से सभी बसों का नियमित संचालन किया जाएगा। -सुनील पुनिया, डीआई, रोडवेज जींद।