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 शिक्षक तबादला नीति में 15 साल ब्लॉक सेवा शर्त का होगा विरोध, सरकार करे पुनर्विचार 

संगठन के चेयरमैन धर्मेंद्र ढांडा, राज्य प्रधान विजेंद्र मोर, राज्य महासचिव सुनील यादव और राज्य प्रेस सचिव बूटा सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि ब्लॉक में 15 साल की अनिवार्य सेवा विशेष रूप से महिला शिक्षकों, दिव्यांग कर्मियों और अधिक आयु वाले अध्यापकों के साथ अन्याय है, क्योंकि उन्हें मजबूरन दूर-दराज के ब्लॉकों में जाना पड़ेगा। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सभी संगठनों ने मीटिंग में विरोध जताया था तो सरकार को भी इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए था।
 
15-year block service condition teacher transfer policy opposed
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Haryana News: डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन हरियाणा (डीएसटीए) ने सरकार द्वारा प्रस्तावित नई शिक्षक तबादला नीति में शामिल 15 वर्ष ब्लॉक सेवा शर्त को पूरी तरह अव्यवहारिक और शिक्षक-विरोधी बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया है। संगठन के चेयरमैन धर्मेंद्र ढांडा, राज्य प्रधान विजेंद्र मोर, राज्य महासचिव सुनील यादव और राज्य प्रेस सचिव बूटा सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि ब्लॉक में 15 साल की अनिवार्य सेवा विशेष रूप से महिला शिक्षकों, दिव्यांग कर्मियों और अधिक आयु वाले अध्यापकों के साथ अन्याय है, क्योंकि उन्हें मजबूरन दूर-दराज के ब्लॉकों में जाना पड़ेगा। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सभी संगठनों ने मीटिंग में विरोध जताया था तो सरकार को भी इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए था।

सीएमओ द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र को ही मान्यता मिलनी चाहिए 

डीएसटीए ने मेडिकल बोर्ड की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिले के सीएमओ द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र को ही मान्यता मिलनी चाहिए। साथ ही क्रोनिक बीमारी वाले माता-पिता के लिए अंक जोड़ने और तबादला शेड्यूल से पहले रेशनलाइजेशन सूची जारी करने की मांग उठाई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि ब्लॉक शर्त हटाकर जोन-आधारित नीति लागू नहीं की गई तो प्रदेश भर के शिक्षक आंदोलन करने को मजबूर होंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी।