जींद जिले के 7 गांवों को जल्द मिलेगी नहरी पेयजल की सप्लाई, जलापूर्ति विभाग तैयार कर रहा है नए जलघर
Jind News: जींद जिले के सात गांवों में ग्रामीणों को जल्द ही नहरी पेयजल की सप्लाई मिलेगी। गांवों में नहरी पेयजल की सप्लाई देने के लिए जलापूर्ति विभाग जलघर तैयार कर रहा है। जलघरों का निर्माण कार्य 85 प्रतिशत तक पूरा भी हो चुका है। अधिकारियों ने बचा हुआ निर्माण कार्य गर्मी सीजन शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जलापूर्ति विभाग जिले के अधिकांश गांवों में ट्यूबवेलों से पेयजल की सप्लाई दे रहा है। भूमिगत पेयजल में टीडीएस की मात्रा अधिक है। भूमिगत पानी में टीडीएस की मात्रा 900 से 2000 हजार तक है। अधिक टीडीएस का पानी लगातार लंबे समय तक पीने से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। शहर और गांवों नहरी पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जलापूर्ति विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न गांवों में जलघर तैयार करवाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार जलघरों में हांसी ब्रांच नहर से पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभाग ने जलघर तैयार करने का करीब 85 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण कर लिया है। बचे हुए कार्य को 31 मार्च तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है, ताकि गर्मी के सीजन में ग्रामीणों को नहरी पेयजल की सप्लाई दी जा सके।
पुरानी व जर्जर पाइप लाइनें भी बदलेगा विभाग
गांवों में प्रत्येक घर तक नहरी पेयजल पहुंचाने के लिए नई पाइप लाइनें भी दबाई जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार गांवों में पुरानी व जर्जर पाइप लाइनों के स्थान पर नई डीआई पाइप लाइनें दबाई जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि पुरानी पाइप लाइनें अधिक पुरानी हो चुकी हैं, जिसके कारण वे बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती वहीं गलियों का कई बार निर्माण होने के चलते उनकी गहराई भी अधिक हो गई है। इससे पाइप लाइनों की मरम्मत करने में असुविधा होती है।
इन गांवों में तैयार किए जा रहे हैं जलघर
जलापूर्ति विभाग निर्जन, पिंडारा, खोखरी, हैबतपुर, मांडो, बोहतवाला और दालमवाला गांवों में जलघर तैयार करवा रहा है। इन गांवों में जलघर तैयार होने के बाद करीब 55 हजार ग्रामीण उपभोक्ताओं को फायदा होगा। ग्रामीणों को अधिक टीडीएस वाले पेयजल से भी छुटकारा मिलेगा, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नहीं होंगी।
