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Sirsa News: हरियाणा के सिरसा जिले में हुई 8 एमएम बारिश, फसलों को संजीवनी; 5 डिग्री गिरा पारा

सिरसा जिले में सर्द मौसम की गुरुवार रात्रि को कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि के साथ 8 एमएम तक बारिश हुई। इस बारिश से जिले में 2.80 लाख हेक्टेयर गेहूं और 75 हजार हेक्टेयर सरसों की फसल को सीधा फायदा पहुंचा है। हालांकि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के कुछ गांवों में हल्की ओलावृष्टि के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
 
8 mm of rain fell in Sirsa district of Haryana

Sirsa News: सिरसा जिले में सर्द मौसम की गुरुवार रात्रि को कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि के साथ 8 एमएम तक बारिश हुई। इस बारिश से जिले में 2.80 लाख हेक्टेयर गेहूं और 75 हजार हेक्टेयर सरसों की फसल को सीधा फायदा पहुंचा है। हालांकि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के कुछ गांवों में हल्की ओलावृष्टि के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

हालांकि शहर क्षेत्र में कच्ची व क्षतिग्रस्त सड़कों पर कीचड़ फैलने से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद दिनभर शीत हवाएं चलती रहीं, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ गई। अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और तापमान 22 डिग्री से गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वही डबवाली में भी हल्की बरसात से फसलों को फायदा मिला है।

25 जनवरी तक बरसात की आशंका

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 25 जनवरी तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील बना रहेगा। तीन पश्चिमी विक्षोभों के आंशिक प्रभाव से प्रदेश में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। आज भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। वहीं 24 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते 25 जनवरी से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश के आसार बन रहे हैं।

नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में ओलावृष्टि

राजस्थान सीमा से सटे नाथूसरी चौपटा खंड के करीब 45 गांवों में गुरुवार रात बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि हुई। कागदाना, कुम्हारिया, खेड़ी, गुसाईयाना, चाहरवाला, जोगीवाला, रामपुरा, गिगोरानी, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, रुपाणा, नहराना और जसानिया सहित कई गांवों में बारिश दर्ज की गई।

डिंग मंडी में 10 एमएम बारिश

डिंग मंडी क्षेत्र में करीब 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। किसानों के अनुसार इस बारिश से चना, गेहूं और सरसों की फसलों को काफी फायदा हुआ है। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलों को सिंचाई की आवश्यकता महसूस हो रही थी, जिसे इस बरसात ने काफी हद तक पूरा कर दिया।